गुजरात में अब डिजिटल हुआ दिव्यांग बस पास, डिजीलॉकर के जरिए मिलेगी मुफ्त सफर की सुविधा गुजरात एक घंटा पहले 4
गुजरात सरकार ने दिव्यांग नागरिकों के लिए बस पास को डिजीलॉकर के साथ एकीकृत कर दिया है, जिससे अब वे अपने मोबाइल से ही मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे।

गुजरात सरकार का बड़ा डिजिटल कदम

गुजरात के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिव्यांग बस पास को पूरी तरह से डिजीलॉकर के साथ जोड़ दिया है। इस तकनीकी सुधार के माध्यम से राज्य भर के दिव्यांग नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य में 4.42 लाख से अधिक बस पास जारी किए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम यानी GSRTC की बसों में यात्रा करने वाले लाभार्थियों को डिजिटल सुविधा का लाभ देना है। इस पूरी प्रक्रिया को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम के सहयोग से सफल बनाया है।

इस पहल से आम दिव्यांगों को होने वाले लाभ

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा और विभाग के सचिव हर्षद पटेल (IAS) ने इस बदलाव की जानकारी साझा करते हुए बताया कि डिजीलॉकर के साथ एकीकरण से प्रशासन और नागरिक दोनों के लिए काम आसान हो गया है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • अब दिव्यांग नागरिकों को भौतिक रूप से कागज का पास साथ रखने की अनिवार्यता नहीं रहेगी।
  • कागजी दस्तावेज खोने या खराब होने का डर पूरी तरह समाप्त हो गया है।
  • डिजीलॉकर के माध्यम से लाभार्थी अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके कभी भी और कहीं भी अपना पास सुरक्षित रूप से दिखा सकते हैं।
  • यह पहल सरकार की पेपरलेस गवर्नेंस की नीति को नई मजबूती देती है।
  • दस्तावेजों का वेरिफिकेशन अब डिजिटल माध्यम से पलक झपकते ही हो सकेगा, जिससे समय की बचत होगी।

मुफ्त यात्रा और दुर्घटना बीमा का सुरक्षा कवच

इस डिजिटल बदलाव से दिव्यांग यात्रियों को GSRTC की बसों में मुफ्त यात्रा करने में काफी आसानी होगी। अब उन्हें यात्रा के दौरान केवल अपने मोबाइल में मौजूद सरकार द्वारा प्रमाणित डिजिटल पास दिखाना होगा। इसके अलावा, इस बस पास के साथ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सुविधा भी जुड़ी हुई है। प्रत्येक पास धारक को 4 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है। यदि किसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में बस पास धारक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उनके नामित व्यक्ति या कानूनी वारिस विभाग के पास आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करके इस बीमा राशि का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और मील का पत्थर

यह योजना प्रधानमंत्री की 'डिजिटल इंडिया' मुहिम का हिस्सा है। सरकार का लगातार यह प्रयास रहा है कि सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल डिलीवरी के जरिए आम जनता तक पहुंचाया जाए। इस प्रणाली से न केवल कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है, बल्कि नागरिक किसी भी समय अपने आधिकारिक दस्तावेजों तक सुरक्षित पहुंच भी बना सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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