24 साल की उम्र में दौलत-शोहरत सब था, फिर भी क्यों अधूरी थीं दीया मिर्जा? एक्ट्रेस ने खोला राज मनोरंजन एक घंटा पहले 3
दीया मिर्जा ने बताया कि सिर्फ 24 की उम्र में सफलता, पैसा और घर पाने के बावजूद उन्हें असली खुशी नहीं मिल पा रही थी और किस वजह से उन्होंने रुककर खुद को तलाशने का फैसला किया।

दीया मिर्जा ने 'रहना है तेरे दिल में' से बॉलीवुड में कदम रखा था और इसके बाद 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'संजू', 'थप्पड़' और 'धक धक' जैसी फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी। अपने सौंदर्य और सशक्त अभिनय के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री ने हाल ही में अपने निजी जीवन और कामयाबी से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बात की। इसी बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि एक दौर ऐसा भी था, जब नाम और शोहरत मिलने के बाद भी उनके भीतर खुशी नहीं थी।

महज 24 की उम्र तक दीया ने वह सब हासिल कर लिया था, जिसके लिए कई कलाकार वर्षों तक संघर्ष करते रहते हैं। उनके पास पैसा था, शोहरत थी, अपना घर था और जबरदस्त लोकप्रियता थी। बाहर से देखने वालों को लगता था कि उनके पास हर चीज मौजूद है, लेकिन इस चकाचौंध भरी दुनिया के बीच वे एक ऐसे सवाल से जूझ रही थीं, जो जिंदगी के किसी न किसी मोड़ पर बहुत से लोगों के सामने आता है।

सफलता भी नहीं दे सकी सुकून

सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' में बातचीत के दौरान दीया ने अपने जीवन के उस दौर को याद किया, जब उन्होंने फिल्मी दुनिया से थोड़ी दूरी बनाकर खुद को और अपने सुकून को तलाशने का निर्णय लिया था। साल 2000 के दशक के मध्य में वे सफलता के उस शिखर पर थीं, जिसकी कई लोग कामना करते हैं। उनका अभिनय करियर अपने चरम पर था, फिर भी उन्हें भीतर कुछ अधूरापन महसूस हो रहा था। उस समय को याद करते हुए उन्होंने कहा:

'मैं जो कर रही हूं, वह पसंद नहीं आ रहा है। मुझे मजा नहीं आ रहा है। मैंने पैसे कमाए हैं। मैं आजाद हूं। मेरे पास एक घर है, जिसे मैं अपना कह सकती हूं, एक ऐसे शहर में जिसने मुझे अपना लिया है और मुझे अपने बिलों की चिंता नहीं करनी पड़ती, लेकिन इससे मुझे खुशी नहीं मिल रही है।'

जब शोहरत से भर गया मन

इसी एहसास ने उन्हें एक कठिन लेकिन जरूरी कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ज्यादा प्रोजेक्ट्स और बड़ी कामयाबी के पीछे भागने के बजाय उन्होंने ठहरकर यह समझने का फैसला किया कि उनके लिए असल में मायने क्या रखता है। उन्होंने बताया, 'तभी मुझे एहसास हुआ कि मुझे खुद से जुड़ने की जरूरत है तो यह एक तरह से घर वापसी जैसा था।'

आखिर क्यों थी बेचैनी

दीया ने माना कि इंडस्ट्री के कुछ पहलुओं और अपने निभाए जा रहे किरदारों को लेकर उनके मन में बेचैनी पनपने लगी थी। अभिनेत्री के मुताबिक, वे अपनी निजी जिंदगी और उस पेशे की मांगों के बीच खुद को फंसा हुआ महसूस कर रही थीं, जो आइडिया, प्रोडक्ट्स और इमेज बेचने पर आधारित था। कई भूमिकाओं को निभाने को लेकर भी उनके मन में उलझन बनी रहती थी।

अब ओटीटी पर मचाएंगी धमाल

दीया जल्द ही नेटफ्लिक्स के दो प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं। इनमें से एक 'इक्का' है, जिसमें वे सनी देओल, अक्षय खन्ना और तिलोत्तमा शोम के साथ दिखेंगी, जबकि दूसरा प्रोजेक्ट 'ऑपरेशन सफेद सागर' है, जिसमें सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल और अभय वर्मा उनके साथ होंगे।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!