रक्षाबंधन 2026: क्या 27 या 28 अगस्त को मनाएं रक्षाबंधन, जानें सही तिथि और राखी बांधने का शुभ समय झारखंड 3 घंटे पहले 2
रक्षाबंधन की तारीख को लेकर अगर आप भी असमंजस में हैं, तो ज्योतिषीय गणना के अनुसार सही जानकारी यहां विस्तार से प्राप्त करें। इस वर्ष पूर्णिमा तिथि दो दिनों तक रहने के कारण भद्रा और शुभ मुहूर्त के नियमों को समझना बेहद जरूरी है।

रक्षाबंधन की सही तारीख को लेकर संशय

भाई और बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का त्यौहार एक बार फिर निकट आ गया है। यह पर्व न केवल बचपन की मीठी यादों को ताजा करता है, बल्कि भाई-बहन के बीच के रिश्ते को और भी गहरा बनाता है। बाजारों में रौनक लौट आई है और दुकानें सुंदर व रंग-बिरंगी राखियों से सज चुकी हैं। बहनें अपने भाइयों के लिए खास राखियां और मिठाइयां चुनने में व्यस्त हैं, वहीं भाई भी अपनी बहनों के लिए उपहार खरीदने की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, इस वर्ष त्योहार की सही तिथि को लेकर लोगों के मन में काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया और चर्चाओं के बीच कुछ लोग 27 अगस्त तो कुछ 28 अगस्त को राखी का त्यौहार मनाने की बात कर रहे हैं। इस असमंजस को दूर करने के लिए हमने देवघर के विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य से संपर्क किया है ताकि इस भ्रम का सही समाधान मिल सके।

बैद्यनाथ पंचांग और पूर्णिमा तिथि का विश्लेषण

देवघर के ज्योतिषाचार्यों ने बैद्यनाथ पंचांग के हवाले से स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाना शास्त्र सम्मत है। पंचांग की गणना के मुताबिक सावन पूर्णिमा की तिथि 27 अगस्त की सुबह लगभग 9 बजकर 8 मिनट पर आरंभ होगी, जो 28 अगस्त की सुबह लगभग 9 बजकर 48 मिनट तक बनी रहेगी। चूंकि पूर्णिमा का मान इन दोनों दिनों में पड़ रहा है, इसी वजह से आमजन में तारीख को लेकर दुविधा उत्पन्न हुई है। लेकिन हिंदू धर्म शास्त्रों और उदयातिथि की परंपरा के आधार पर 28 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना श्रेष्ठ माना गया है। अतः भाई-बहन इसी दिन हर्षोल्लास के साथ त्यौहार मना सकते हैं।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

पंचांग के आधार पर 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय अत्यंत शुभ और फलदायी है। बहनें सुबह 5 बजे से लेकर 9 बजकर 48 मिनट तक के बीच कभी भी अपने भाई को तिलक लगा सकती हैं और उनकी कलाई पर राखी बांध सकती हैं। यह समय पूजा-पाठ और भाई की दीर्घायु व सुख-समृद्धि की कामना करने के लिए सबसे उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त, भाई भी इस पवित्र अवसर पर अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेते हैं और उन्हें उपहार प्रदान करते हैं। यदि किसी कारणवश परिवार में सुबह के समय राखी बांधना संभव न हो पाए, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। इस दिन दोपहर में अभिजीत मुहूर्त का विशेष योग बन रहा है, जो दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से लेकर 1 बजकर 5 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में भी राखी बांधी जा सकती है।

भद्रा काल का प्रभाव और सावधानी

रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। धार्मिक मान्यताओं में भद्रा के समय को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। पंचांग के अनुसार 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 08 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा। इस लंबी अवधि के दौरान रक्षाबंधन का कार्य करना उचित नहीं माना जाएगा। यही मुख्य कारण है कि रक्षाबंधन के लिए 28 अगस्त की तारीख को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को पूरे दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, जिससे भाई-बहन बिना किसी डर या भ्रम के पूरे दिन कभी भी राखी का त्यौहार मना सकेंगे। यह दिन भाई-बहन के मिलन और स्नेह के आदान-प्रदान के लिए पूर्णतः शुभ और निर्विघ्न है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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