देवघर-दुमका फोरलेन का आज से होगा आगाज, बाबाधाम से बासुकीनाथ तक का सफर होगा सुगम और सुरक्षित झारखंड एक महीने पहले 58
देवघर-दुमका के बीच निर्मित नेशनल हाईवे-114A का उद्घाटन आज 25 जुलाई को होने जा रहा है, जिससे श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। 999 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क से यात्रा के समय में 20 मिनट की बचत होगी और जाम से मुक्ति मिलेगी।

श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

देवघर और दुमका के बीच का सफर अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होने वाला है। आज 25 जुलाई से आधिकारिक रूप से देवघर-दुमका फोरलेन यानी नेशनल हाईवे-114A पर वाहनों का परिचालन शुरू किया जा रहा है। श्रावणी मेले के आयोजन से ठीक पहले इस मार्ग के खुलने से बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। लंबे समय से इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा था, जो अब समाप्त हो गया है। इस नई सड़क के माध्यम से बाबाधाम से बासुकीनाथ तक की दूरी तय करना न केवल आसान होगा, बल्कि यात्रा में लगने वाले समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। आज से छोटे और बड़े सभी प्रकार के वाहनों के लिए इस आधुनिक फोरलेन का मार्ग खुल जाएगा।

परियोजना की लागत और तकनीकी विशेषताएं

इस महत्वपूर्ण फोरलेन परियोजना को लगभग 999 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किया गया है। लगभग 45.15 किलोमीटर लंबी यह सड़क आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मार्ग को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। सड़क की चौड़ाई करीब 8.5 मीटर रखी गई है, जिससे भारी वाहनों के आवागमन में भी कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी। पूरे हाईवे पर दो रेलवे ओवरब्रिज यानी आरओबी का निर्माण किया गया है, ताकि ट्रेनों के गुजरने के दौरान वाहनों को न रुकना पड़े। इसके अतिरिक्त, स्थानीय ग्रामीणों और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए मार्ग पर कुल 24 अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे सड़क के दोनों ओर आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।

पुराने मार्ग की चुनौतियां और जाम से निजात

पिछले कई वर्षों से देवघर से दुमका जाने वाले यात्रियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण कई स्थानों पर डायवर्जन बने हुए थे, जिससे यात्रा न केवल लंबी हो जाती थी, बल्कि थकान भरी भी होती थी। विशेषकर श्रावणी मेले के दौरान जब वाहनों का अत्यधिक दबाव होता है, तब यह मार्ग एक बड़ी चुनौती बन जाता था। श्रद्धालुओं को घंटों तक भीषण जाम में फंसे रहने की विवशता झेलनी पड़ती थी। फोरलेन के शुरू होने से अब यह पुरानी समस्या इतिहास बनकर रह जाएगी। श्रद्धालु अब बिना किसी बाधा के कम समय में बाबा बासुकीनाथ के दर्शन के लिए प्रस्थान कर सकेंगे।

दो साल की प्रतीक्षा और तकनीकी बाधाएं

इस सड़क के निर्माण का कार्य पिछले लगभग दो वर्षों से चल रहा था। इस दौरान कई बार तकनीकी कारणों और काम के बड़े विस्तार के चलते इसके उद्घाटन की तारीख आगे बढ़ती रही, जिससे आम जनता में मायूसी थी। हालांकि, निर्माण एजेंसियों ने अब इस कार्य को अंतिम रूप दे दिया है। एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 25 जुलाई से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस वर्ष श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को इस सड़क का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके धार्मिक भ्रमण का अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा।

सड़क सुरक्षा और समय की बचत

देवघर-दुमका फोरलेन बनने का सबसे बड़ा लाभ यात्रा के समय में होने वाली 20 मिनट की बचत है। यह केवल समय बचाने की बात नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी एक क्रांतिकारी कदम है। पिछले वर्ष इसी मार्ग पर एक भीषण बस दुर्घटना हुई थी, जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। पुराने मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आए दिन सड़क हादसे होते रहते थे। अब एक चौड़ी और मजबूत सड़क होने के कारण ट्रैफिक का प्रबंधन बेहतर तरीके से हो सकेगा और दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम

श्रावणी मेले को देखते हुए जिला प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी ने अपनी कमर कस ली है। मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हाईवे पर कड़े यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है। पूरे मार्ग पर जगह-जगह संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं और सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि इन सुविधाओं के कारण इस बार का श्रावणी मेला पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यवस्थित और आरामदायक होगा। कुल मिलाकर, यह फोरलेन अब देवघर और दुमका के बीच का मुख्य आधार बन गया है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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