दिल्ली
2 घंटे पहले
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साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन्स) यूनिट ने एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के कॉर्पोरेट बैंक खाते को निशाना बनाते हुए 12,84,09,997 रुपये की भारी-भरकम राशि की डिजिटल चोरी की थी। इस मामले में पुलिस ने देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी कर पांच मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों में आरबीएल बैंक का एक रिलेशनशिप मैनेजर भी शामिल है। पुलिस की सक्रियता से ठगी की गई राशि में से लगभग 1.70 करोड़ रुपये को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करवा दिया गया है, ताकि उन्हें निकाला न जा सके।
कैसे अंजाम दी गई 317 ट्रांजैक्शन की वारदात
जांच में पता चला है कि ठगों ने अत्यंत चालाकी से कॉर्पोरेट अकाउंट का इस्तेमाल करते हुए 317 बार अनधिकृत डिजिटल ट्रांजैक्शन किए। इस पूरी रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय आरोपियों ने 34 अलग-अलग फर्जी और किराए पर लिए गए बैंक खातों में डायवर्ट किया था, जिन्हें बैंकिंग शब्दावली में म्यूल अकाउंट्स कहा जाता है।
गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क और उनकी भूमिका
पुलिस की पूछताछ में इस साइबर नेटवर्क के काम करने के तरीके का खुलासा हुआ है। जयपुर में तैनात आरबीएल बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर विकास ने नमन कुमार नाम के व्यक्ति की मदद की थी। विकास ने नमन को यस बैंक और इंडसइंड बैंक में खाते खुलवाने में सहायता दी और उसे मुख्य गिरोह से जोड़ दिया। नमन के इंडसइंड बैंक खाते में 70 लाख रुपये और यस बैंक खाते में 40 लाख रुपये जमा हुए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि नमन का इंडसइंड बैंक खाता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 43 अलग-अलग शिकायतों में पाया गया है। गिरोह के सदस्यों ने नमन को दिल्ली बुलाकर कृष्णा नगर के होटल निरवाना रेजीडेंसी में ठहराया था और एपीके फाइल के जरिए उसके बैंक खातों को रिमोटली ऑपरेट किया था। इसके अलावा, हरमन नाम का आरोपी टेलीग्राम के जरिए चीन में बैठे साइबर अपराधियों से जुड़ा था और उसने 1.5 लाख रुपये कमीशन के लालच में खातों को संचालित किया। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में लवली, जिसके खाते में 80 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, और अभय कुमार सोलंकी शामिल हैं, जिसने एटीएम के जरिए 60 हजार रुपये की निकासी की थी।
चीन और दुबई से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का जाल
पुलिस जांच में इस अपराध के तार चीन और दुबई से जुड़े होने के ठोस सबूत मिले हैं। हरमन टेलीग्राम ऐप पर राजस्थान के देवेंद्र सिंह चौहान के संपर्क में था, जो भारतीय मुद्रा को USDT जैसी क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश में बैठे गिरोह के सरगनाओं को भेजता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, चेकबुक और प्रॉपर्टी गैलरी की रबर स्टैंप जब्त की है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस भारत के विभिन्न राज्यों के साथ ही दुबई में मौजूद अन्य फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
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