ऑपरेशन विस्टा 1.0: सीमा पार से आई महिला की तलाश में दिल्ली पुलिस को मिला चौंकाने वाला सुराग क्राइम एक घंटा पहले 2
दिल्ली पुलिस ने विदेशी नागरिकों के वीजा स्टेटस की जांच के लिए ऑपरेशन विस्टा 1.0 चलाया, जिसमें दो बांग्लादेशी नागरिक तय समय सीमा से अधिक रहने के आरोप में पकड़े गए।

ऑपरेशन विस्टा 1.0 के पीछे की कहानी

दिल्ली पुलिस ने राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित होटलों और गेस्ट हाउसों की गहन जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया, जिसे ऑपरेशन विस्टा 1.0 का नाम दिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विदेश से आने वाले नागरिक वैध वीजा के साथ रह रहे हैं या नहीं। पुलिस की टीमें शहर के हर कोने में पहुंचकर यात्रियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही थीं, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक या नियमों के उल्लंघन को पकड़ा जा सके।

जांच के दौरान पकड़े गए दो विदेशी

इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस को तब बड़ी सफलता मिली जब वे अराकाशन रोड स्थित नबी करीम इलाके के एक होटल में पहुंचे। वहां जांच के दौरान पुलिस ने 25 वर्षीय जोमिर हुसैन को पकड़ा, जो मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। दस्तावेजों की पड़ताल करने पर पता चला कि जोमिर 9 जुलाई 2026 को भारत में दाखिल हुआ था। इसी तरह के अभियान को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम पहाड़गंज के चांदी वालान मेन बाजार के एक अन्य होटल पहुंची। वहां टीम को 39 वर्षीय मक्सूदा अख्तर मिली, जो ढाका की रहने वाली है और 27 जुलाई 2026 को भारत आई थी।

वीजा नियमों का हुआ था उल्लंघन

पुलिस जांच में सामने आया कि ये दोनों विदेशी नागरिक 'डबल-एंट्री वीजा' पर भारत आए थे। नियमों के अनुसार, इस श्रेणी के वीजा पर आने वाले व्यक्ति को प्रत्येक यात्रा के दौरान भारत में अधिकतम 15 दिन रुकने की अनुमति होती है। हालांकि, जब पुलिस ने इनके पासपोर्ट और प्रवेश की तारीखों का मिलान किया, तो यह स्पष्ट हो गया कि दोनों ही व्यक्ति निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे।

आगे की कानूनी कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर संदीप यादव के नेतृत्व में और एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा की कड़ी निगरानी में अंजाम दी गई। पुलिस ने मौके पर ही दोनों से पूछताछ की और उनके दस्तावेजों को सत्यापित किया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस यानी FRRO के समक्ष पेश किया गया।

डिटेंशन सेंटर में भेजे गए आरोपी

एफआरआरओ द्वारा मामले की पूरी जांच के बाद, पकड़े गए दोनों बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ रिस्ट्रिक्शन ऑर्डर जारी किए गए हैं। वर्तमान में, जोमिर हुसैन और मक्सूदा अख्तर को सराय रोहिल्ला स्थित सेवा धाम डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, अब दोनों को तब तक इसी डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, जब तक कि उनके निर्वासन यानी डिपोर्टेशन की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। दिल्ली पुलिस का यह ऑपरेशन सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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