NCR का दायरा रहेगा यथावत, बसेंगे चार नए आधुनिक 'नमो नोड्स'; सड़कों से विदा होंगे BS-1, BS-2 और BS-3 वाहन व्यापार एक महीने पहले 50
केंद्र सरकार ने एनसीआर में चार नए ग्रीनफील्ड शहर बसाने की योजना तैयार की है, जिन्हें नमो नोड्स कहा जाएगा। साथ ही प्रदूषण रोकने के लिए पुराने BS-1, BS-2 और BS-3 वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की तैयारी शुरू हुई है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वालों के लिए आने वाले वर्षों में हालात काफी बदल सकते हैं। केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र के नियोजित विकास के लिए एक व्यापक रूपरेखा बनाई है। इसके तहत चार नए आधुनिक ग्रीनफील्ड शहर बसाने की योजना है, जिन्हें नमो नोड्स के नाम से जाना जाएगा। दूसरी ओर, हवा को साफ रखने के मकसद से पुराने BS-1, BS-2 और BS-3 वाहनों को सड़कों से बाहर करने की कवायद भी आरंभ हो चुकी है। इन कदमों को एनसीआर के आने वाले कल के लिहाज से बेहद अहम बताया जा रहा है।

चार नए नमो नोड्स की तैयारी

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की बैठक में क्षेत्रीय योजना-2041 से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान चार नए ग्रीनफील्ड शहर खड़े करने का प्रस्ताव सामने रखा गया, जिसका मकसद दिल्ली पर लगातार बढ़ रहे बोझ को घटाना और आसपास के इलाकों में विकास की रफ्तार तेज करना है। इन नए शहरों को नमो नोड्स नाम दिया जाएगा। ये अत्याधुनिक शहरी केंद्र होंगे, जहां आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कारोबारी गतिविधियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इन परियोजनाओं के लिए सरकार करीब 5,000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की योजना बना रही है।

उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को होगा लाभ

मसौदा योजना के मुताबिक उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में नए आर्थिक एवं आवासीय केंद्र खड़े किए जाएंगे। इन शहरों को हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी मिल सकें। मनोहर लाल खट्टर ने जानकारी दी कि मास्टर प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए एक समिति गठित की गई है, जो 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

एनसीआर की सीमा यथावत रहेगी

बैठक में यह बात भी साफ कर दी गई कि एनसीआर की वर्तमान सीमा में कोई फेरबदल नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार अपने कुछ शहरों को एनसीआर क्षेत्र से अलग करने की मांग उठा रही थी, मगर इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई।

पुराने वाहनों पर कसेगा शिकंजा

बैठक में एनसीआर के बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी गंभीरता से चर्चा हुई। इसके मद्देनजर BS-1, BS-2 और BS-3 मानकों वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने का प्रस्ताव पेश किया गया है। सरकार BS-6 वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए एक परिवर्तन योजना शुरू करने की तैयारी में है। इसके अलावा BS-4 बसों और ट्रकों को स्क्रैप कराकर नए वाहन खरीदने पर 30 प्रतिशत तक छूट देने का सुझाव भी सामने आया है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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