उत्तराखंड में जमीन विवाद: प्रियंका गांधी पर 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने लगाया बड़ा आरोप, भाजपा ने घेरा उत्तराखंड 2 महीने पहले 73
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में एक 90 साल की बुजुर्ग महिला ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और उनके परिवार पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है, जिस पर भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने राज्य की सियासत में गरमाहट ला दी है। यहां की रहने वाली एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला नसरीन खान ने कांग्रेस की कद्दावर नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके ससुराल पक्ष के लोगों पर अपनी बेशकीमती जमीन हड़पने की कोशिश करने का बेहद संगीन आरोप लगाया है। इस गंभीर मामले के उजागर होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मोर्चा संभाल लिया है और कांग्रेस तथा प्रियंका गांधी से इस पर तुरंत स्पष्टीकरण की मांग की है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की असल सच्चाई पुलिस और प्रशासन की गहन जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

क्या है पूरा जमीन विवाद और मालिकाना हक का सच?

इस पूरे मामले की जड़ उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में स्थित एक बेशकीमती जमीन से जुड़ी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, करीब चार एकड़ की यह विवादित जमीन सरकारी दस्तावेजों में 'खान फार्म एस्टेट' के नाम से दर्ज है। इस विशाल भूखंड का मालिकाना हक कुलसुम खान के नाम पर दर्ज बताया जा रहा है। इसी परिसर के भीतर बनी एक इमारत में 90 साल की बुजुर्ग महिला नसरीन खान काफी समय से निवास कर रही हैं। नसरीन खान का आरोप है कि इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हें उनके आशियाने से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है।

प्रियंका गांधी की ननद और कांग्रेस विधायक पर गंभीर आरोप

बुजुर्ग महिला की इस जमीन पर प्रियंका गांधी वाड्रा की ननद सायरा वाड्रा अपना मालिकाना दावा पेश कर रही हैं। इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब भाजपा ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड कांग्रेस के स्थानीय विधायक तिलक राज बेहड़ अपने साथ लगभग 100 लोगों की भारी भीड़ लेकर इस विवादित जमीन पर पहुंचे थे। आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने वहां मौजूद बुजुर्ग महिला नसरीन खान को डराने-धमकाने का प्रयास किया और उन पर जमीन को जल्द से जल्द खाली करने के लिए नाजायज दबाव बनाया।

खुद पीड़ित बुजुर्ग महिला नसरीन खान ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी से जुड़े कुछ लोग लगातार उनके घर आ रहे हैं और उन पर जमीन छोड़ने का भारी दबाव डाल रहे हैं। भाजपा का सीधा आरोप है कि कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ पूरी तरह से गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे हैं और यह सब प्रियंका गांधी वाड्रा के इशारे पर किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या एक असहाय बुजुर्ग महिला की जमीन पर कब्जा करने के लिए सत्ता और प्रभाव का इस तरह दुरुपयोग करना जायज है?

भाजपा का प्रियंका गांधी पर हमला और पुराने मामलों का जिक्र

इस पूरे मामले को लेकर भाजपा ने देहरादून में एक प्रेस वार्ता आयोजित की और कांग्रेस नेतृत्व को जमकर घेरा। भाजपा प्रवक्ताओं ने प्रियंका गांधी वाड्रा से इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस दौरान भाजपा ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े पुराने भूमि विवादों को भी जनता के सामने दोबारा रखा।

पार्टी ने याद दिलाया कि गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ पहले भी कई राज्यों में जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं:

  • हरियाणा: हरियाणा में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों द्वारा की गई जमीन सौदों पर लंबे समय से जांच चल रही है और वहां की संपत्तियों को लेकर कानूनी पेचीदगियां बनी हुई हैं।
  • राजस्थान: राजस्थान के बीकानेर और अन्य इलाकों में भी वाड्रा से जुड़े जमीन सौदों को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं।

भाजपा का कहना है कि अब उत्तराखंड में भी गांधी परिवार से जुड़े लोग इसी तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जा रहे हैं, जो उनकी पुरानी कार्यशैली को दर्शाता है।

कांग्रेस और गांधी परिवार की चुप्पी

इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले पर अभी तक कांग्रेस पार्टी, प्रियंका गांधी वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा या सायरा वाड्रा की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चूंकि यह आरोप सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल भाजपा द्वारा लगाए गए हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी इस मामले को लेकर बेहद सतर्कता बरत रही है। मामले की तह तक जाने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि यह साफ हो सके कि इन संगीन आरोपों के पीछे असली सच्चाई क्या है और क्या वाकई किसी बुजुर्ग महिला की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप