दौसा में शीतल और मनोज मीणा की मौत से मचा बवाल, दो थानों की पुलिस जांच में जुटी राजस्थान एक घंटा पहले 3
दौसा के सिकराय उपकोष कार्यालय की जूनियर एकाउंटेंट शीतल मीणा की संदिग्ध मौत और उप कोषाधिकारी मनोज मीणा के सुसाइड केस ने पूरे मामले को उलझा दिया है। महुआ और मानपुरा थाने की पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

दौसा जिले के सिकराय उपखंड स्थित उपकोष कार्यालय में पदस्थापित दो कर्मचारियों की मौत ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। कार्यालय की जूनियर एकाउंटेंट शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उप कोषाधिकारी मनोज मीणा के आत्महत्या कर लेने से यह प्रकरण बेहद पेचीदा हो गया है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर महुआ में दिनभर हंगामे का माहौल बना रहा।

तीन दिन से कार्यालय में हड़कंप

सिकराय उपकोष कार्यालय में बीते तीन दिन से अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को कार्यालय की जूनियर एकाउंटेंट शीतल मीणा की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। पहले उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शीतल की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत जहर से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद गुरुवार को उसके परिजनों ने उप कोषाधिकारी मनोज मीणा सहित अन्य स्टाफ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।

मनोज मीणा ने की आत्महत्या

शीतल के परिजनों द्वारा हत्या का मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद गुरुवार रात को ही मनोज मीणा ने अपने महुआ स्थित आवास पर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई।

सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

पुलिस को मनोज मीणा के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस नोट में उसने अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि “पापा मेरी मौत का जिम्मेदार अरुण RTS लालपुर व उसका जीजा सोनू दोनों है”।

सुसाइड नोट सामने आने के बाद मनोज के परिजन भड़क उठे और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। इसे लेकर परिजनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। बाद में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और विधायक राजेंद्र मीणा की समझाइश तथा आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। महुआ अस्पताल में मेडिकल बोर्ड के जरिए मनोज मीणा का पोस्टमार्टम कराया गया।

जूस सेंटर से लिए गए सैंपल

इसी बीच शुक्रवार दोपहर को फूड सेफ्टी की टीम सिकराय पहुंची। टीम ने उस जूस सेंटर से सैंपल लिए, जहां से बुधवार को उपकोष कार्यालय में जूस मंगाया गया था। बताया जा रहा है कि इसी जूस को पीने के बाद जूनियर एकाउंटेंट शीतल मीणा की तबीयत बिगड़ी थी।

दो थानों की पुलिस कर रही जांच

फिलहाल इन दोनों मामलों की जांच अलग-अलग थानों की पुलिस कर रही है। शीतल मीणा की मौत के मामले की जांच मानपुरा थाना पुलिस के पास है, जबकि मनोज मीणा के सुसाइड केस की जांच महुआ थाना पुलिस कर रही है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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