दरभंगा में मंडराया बाढ़ का खतरा: प्रशासन ने जारी किया 24 से अधिक गांवों को खाली करने का आदेश, अलर्ट पर पूरा जिला बिहार 2 घंटे पहले 3
बिहार में मानसूनी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके बाद दरभंगा प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर 24 से अधिक गांवों को तुरंत खाली करने के निर्देश दिए हैं।

बिहार में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नेपाल के तराई वाले इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश और कोसी बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण दरभंगा जिले में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंडों में कोसी और कमला बलान नदियों का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान से ऊपर बढ़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है और 24 से अधिक गांवों के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का कड़ा निर्देश जारी किया है।

जलमग्न हुए कई इलाके और ठप हुआ संपर्क

नदियों के उफान पर होने के कारण बाढ़ का पानी अब तेजी से नए और निचले इलाकों की तरफ फैलने लगा है। इस बाढ़ की वजह से इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के कई गांव पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। कई ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें पानी में समा गई हैं, जिसके कारण इन गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया है। संपर्क टूटने के कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और किसानों की साल भर की मेहनत पर भी पड़ा है। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीनिया और इटहर पोखर जैसे स्कूलों के परिसरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसके साथ ही, खेतों में खड़ी धान और अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं और उन्हें भारी नुकसान का डर सता रहा है।

प्रशासन की तैयारियां: राहत शिविर और नावें मुस्तैद

बाढ़ के मंडराते खतरे को देखते हुए दरभंगा का जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट पर है। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन लगातार लोगों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील कर रहा है। दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राहत और बचाव कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए निम्नलिखित इंतजाम किए गए हैं:

  • प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 186 नावें तैनात की गई हैं।
  • विस्थापित लोगों के रहने के लिए कुल 512 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
  • प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 611 सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) को चालू स्थिति में रखा गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत अतिरिक्त बचाव दलों के साथ राहत सामग्री भेजी जाएगी।

बिहार के इन 24 जिलों में बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में मानसून की सक्रियता के कारण मौसम का मिजाज अभी और बिगड़ सकता है। विभाग ने आज राज्य के कुल 24 जिलों में भारी से मध्यम बारिश और वज्रपात की आशंका व्यक्त की है। मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद और अरवल।
  • बेगूसराय, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और बांका।
  • पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद।

मौसम विभाग ने इन सभी जिलों के स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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