दरभंगा एयरपोर्ट का कायाकल्प: 912 करोड़ के टर्मिनल और नाइट लैंडिंग पर आया बड़ा अपडेट बिहार एक महीने पहले 73
दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात की है। इस बैठक में नए टर्मिनल के निर्माण, नाइट लैंडिंग की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

दरभंगा एयरपोर्ट के विकास के लिए दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक

बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट को आने वाले समय में एक बड़े हवाई केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी सिलसिले में दरभंगा के सांसद और एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट की वर्तमान जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को गति प्रदान करना था। सांसद ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष नाइट लैंडिंग की सुविधा को जल्द बहाल करने, निर्माणाधीन टर्मिनल के कार्यों में तेजी लाने और नई उड़ान सेवाओं को शुरू करने जैसे प्रमुख विषय रखे।

912 करोड़ की लागत से बन रहा नया टर्मिनल

बैठक के दौरान सांसद ने बताया कि 912 करोड़ रुपये की विशाल लागत से तैयार हो रहे नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार की प्राथमिकता है कि इस निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। सांसद ने साझा किया कि केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने जल्द ही दरभंगा का दौरा करने का आश्वासन दिया है ताकि वे स्वयं इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति का निरीक्षण कर सकें। यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण पूरा होने पर इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से कराया जाएगा।

नाइट लैंडिंग की सुविधा का रास्ता हुआ साफ

दरभंगा एयरपोर्ट पर लंबे समय से प्रतीक्षित नाइट लैंडिंग सेवा के संबंध में सकारात्मक संकेत मिले हैं। सांसद ने केंद्रीय मंत्री को सूचित किया कि CAT-II के तहत ILS प्रणाली, एप्रोच लाइटिंग और अन्य अनिवार्य तकनीकी आवश्यकताओं को लगभग पूरा कर लिया गया है। इन तकनीकी कार्यों के पूर्ण होने से अब रात में विमानों का संचालन शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। नाइट लैंडिंग शुरू होने से दरभंगा से आने-जाने वाली उड़ानों की आवृत्ति में भारी वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जो वर्तमान में दिन की सीमित उड़ानों पर निर्भर हैं।

अंतरराष्ट्रीय मानकों की ओर बढ़ते कदम

बैठक में दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। यह हवाई अड्डा केवल मिथिला क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण उत्तर बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों के यात्रियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और क्षेत्र के महत्व को देखते हुए एयरपोर्ट का तेजी से आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक है।

सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान

एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए इसे CISF के हवाले किया गया है। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इसके मद्देनजर जल्द ही स्थायी प्रशासनिक भवन, आवास सुविधा, अस्पताल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कार्य शुरू किया जाए। इन सुविधाओं के विकास से न केवल परिचालन में आसानी होगी, बल्कि सुरक्षा का स्तर भी और अधिक मजबूत होगा।

कार्गो सेवा और नई उड़ानें

दरभंगा की आर्थिक क्षमता को देखते हुए सांसद ने क्षेत्र के प्रसिद्ध उत्पादों जैसे मखाना, लीची और आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कार्गो क्षमता में विस्तार का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने देश के बड़े महानगरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए दरभंगा से सीधी नई उड़ानें शुरू करने की मांग भी दोहराई। अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांसद ने यह भी आग्रह किया कि एयरपोर्ट का नामकरण महाकवि विद्यापति के नाम पर किया जाए और विमानों में मिथिला के पारंपरिक भोजन जैसे चूड़ा-दही और मखाना को परोसा जाए। सरकार की यह पहल पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देगी और क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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