किसानों के लिए खुशखबरी: ATMA योजना के जरिए सरकार दे रही है मुफ्त ट्रेनिंग और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण बिहार 2 घंटे पहले 2
दरभंगा में जिला कृषि विभाग ATMA योजना के माध्यम से किसानों को नई तकनीकें सिखा रहा है, जिसके तहत प्रशिक्षण का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

आधुनिक खेती की ओर कदम

खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कई तरह की पहल कर रही हैं। इसी क्रम में, दरभंगा जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रगतिशील किसानों को खेती की नई तकनीकों से लैस करना है ताकि वे कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। यह पहल न केवल व्यक्तिगत किसानों के विकास में सहायक है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे कृषि तंत्र में बदलाव लाना है।

ATMA योजना का उद्देश्य और स्वरूप

जिला कृषि पदाधिकारी सिद्धार्थ कुमार ने जानकारी दी है कि यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम ATMA यानी एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी योजना के अंतर्गत चलाया जा रहा है। इस योजना का मूल मंत्र खेती के पारंपरिक तरीकों को आधुनिक विज्ञान और नई तकनीकों के साथ जोड़ना है। इसके लिए विभाग द्वारा किसानों को केवल जिले के भीतर ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों और देश के विभिन्न प्रतिष्ठित कृषि संस्थानों में भी अध्ययन के लिए भेजा जाता है। इस प्रशिक्षण के जरिए किसान आधुनिक कृषि के विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकते हैं और उन्नत खेती की बारीकियों को समझ सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया

यदि कोई किसान इस प्रशिक्षण का लाभ उठाना चाहता है, तो उसे एक व्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करना होगा। सिद्धार्थ कुमार ने स्पष्ट किया कि जो किसान किसी विशेष फसल या नई तकनीक के बारे में सीखने के इच्छुक हैं, उन्हें अपने संबंधित प्रखंड कृषि कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान किसान को अपनी रुचि और जिस विशेष क्षेत्र में वह प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, उसकी पूरी जानकारी देनी होती है। विभाग की ओर से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की जाती है और उसके आधार पर पात्र प्रगतिशील किसानों का चयन किया जाता है।

प्रशिक्षण में मिलने वाली सुविधाएं

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निशुल्क उपलब्धता है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता है। इतना ही नहीं, सरकार का प्रयास है कि सीखने की प्रक्रिया में किसान को कोई आर्थिक बोझ न उठाना पड़े। इसके तहत निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाती हैं:

  • प्रशिक्षण संस्थान तक आने और जाने का पूरा यात्रा व्यय।
  • प्रशिक्षण अवधि के दौरान रहने की सुरक्षित और उचित व्यवस्था।
  • गुणवत्तापूर्ण भोजन का संपूर्ण प्रबंध।

इन सुविधाओं का पूरा खर्च ATMA योजना के तहत सरकारी खजाने से वहन किया जाता है।

सीख को दूसरों तक पहुंचाना

सरकार का विजन केवल एक व्यक्ति को प्रशिक्षित करना नहीं है, बल्कि एक श्रृंखला बनाना है। जब किसान प्रशिक्षण पूरा कर वापस लौटते हैं, तो उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने गांव और आसपास के अन्य किसानों को भी उन आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी देंगे। इस तरह, एक प्रशिक्षित किसान अपने क्षेत्र के दर्जनों अन्य किसानों के लिए मार्गदर्शक बन जाता है। इससे बड़े पैमाने पर खेती में सुधार आता है और अंततः किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होती है।

लक्ष्य और अपील

सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि राज्य स्तर से प्रतिवर्ष जिले के लिए एक निश्चित प्रशिक्षण लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। उस लक्ष्य के अनुरूप ही प्रत्येक प्रखंड से इच्छुक किसानों की सूची तैयार की जाती है। चयन प्रक्रिया के बाद किसानों को अलग-अलग संस्थानों में बैच बनाकर भेजा जाता है। जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी किसानों से आह्वान किया है कि यदि वे अपने खेतों में बेहतर उत्पादन चाहते हैं और मुनाफे को बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें इस अवसर का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। वे अपने नजदीकी प्रखंड कृषि कार्यालय में जाकर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन कर सकते हैं। यह योजना वास्तव में उन मेहनती किसानों के लिए एक सुनहरा मौका है जो नई तकनीक सीखकर खेती को एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में विकसित करना चाहते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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