दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर अपनी ही पार्टी के नेताओं का धरना, बिहार कांग्रेस में बदलाव और राहुल गांधी से मुलाकात की मांग राष्ट्रीय राजनीति 5 घंटे पहले 2
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बिहार से आए पार्टी के करीब 35 नेताओं और पूर्व पदाधिकारियों ने अपनी ही लीडरशिप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और वे धरने पर बैठ गए हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मंगलवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब अपनी ही पार्टी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कांग्रेस के कई नेता धरने पर बैठ गए। दिल्ली के इंदिरा भवन स्थित मुख्य कार्यालय के बाहर बिहार से आए करीब 35 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों में साधारण कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि पार्टी के कई बड़े चेहरे भी शामिल हैं।

कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जुटे बिहार के नेता

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं में बिहार कांग्रेस के कई पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष और प्रदेश स्तर के पूर्व पदाधिकारी भी शामिल हैं। इन नेताओं का स्पष्ट मानना है कि बिहार में कांग्रेस संगठन की स्थिति ठीक नहीं है और इसमें जल्द से जल्द बड़े स्तर पर सुधार करने की जरूरत है। अपनी इन्हीं चिंताओं को लेकर ये सभी नेता दिल्ली पहुंचे हैं और मुख्यालय के बाहर बैठकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

ये हैं प्रदर्शनकारी नेताओं की मुख्य मांगें

धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • बिहार कांग्रेस के संगठन में व्यापक और सकारात्मक सुधार किए जाएं।
  • पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात के लिए समय दिया जाए ताकि वे अपनी बात उनके सामने रख सकें।
  • पार्टी से निलंबित और निष्कासित किए गए कार्यकर्ताओं को तुरंत वापस संगठन में शामिल किया जाए।
  • बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को उनके पदों से हटाया जाए।

10 महीने से मुलाकात का इंतजार

प्रदर्शन में शामिल AICC सदस्य आनंद माधव ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि बिहार कांग्रेस की समस्याओं को लेकर वे लंबे समय से प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के पास कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन पिछले 10 महीने से उन्हें नेतृत्व से मुलाकात करने का समय नहीं मिला है। समय न मिलने के कारण ही अंततः इन नेताओं को मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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