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एक घंटा पहले
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आउटसोर्सिंग कर्मियों को बड़ी सुरक्षा
उत्तर प्रदेश में कार्यरत लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी UPCOS की शुरुआत की। इस नई पहल के माध्यम से राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी की स्थिरता और उनके सामाजिक सुरक्षा दायरे को मजबूत करने का खाका तैयार किया है। अब आउटसोर्सिंग कंपनियां अपनी मनमर्जी से किसी भी कर्मचारी को कार्य से बाहर नहीं कर सकेंगी। यदि किसी कर्मी को हटाने की आवश्यकता पड़ती है, तो कंपनियों को पहले शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। शासन स्तर पर प्राप्त शिकायतों की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि शिकायतें आधारहीन या गलत पाई जाती हैं, तो कर्मचारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
शोषण पर लगेगी लगाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाना और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि बिना उचित प्रक्रिया और सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा, जिससे उन्हें भविष्य के प्रति सुरक्षा का एहसास होगा।
स्वास्थ्य और उपचार की सुविधा
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया है। सीएम योगी के अनुसार, ईएसआई का भुगतान अब सीधे अस्पतालों को किया जाएगा। यदि किसी विशेष अस्पताल में आवश्यक उपचार सुविधा मौजूद नहीं है, तो कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत कर्मचारी और उनके परिवार के अन्य सदस्य 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व लाभ की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
बीमा और वित्तीय सहायता
दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियों जैसे दुर्घटना या आपदा के समय कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए बीमा योजनाएं लागू की गई हैं। ऐसी परिस्थितियों में परिवार को 20 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई अग्निकांड जैसी अनहोनी होती है, तो आउटसोर्स निगम द्वारा परिवार को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
बच्चों की शिक्षा और पारिवारिक कल्याण
सरकार ने इस योजना के तहत कर्मचारियों के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी कदम उठाए हैं। किसी बड़ी आपदा या अनहोनी के वक्त बेटे की उच्च शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक की मदद देने का प्रावधान है। इसके अलावा, बेटियों के विवाह में भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक कर्मचारी के लिए जीरो बैलेंस बैंक खाते की सुविधा और परिवार के चार सदस्यों को अन्य सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजिटल युग में पारदर्शी प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में आउटसोर्स कर्मियों को महज एक बोझ माना जाता था और अक्सर उनका शोषण होता था। अब सरकार ने उन्हें प्रदेश की वास्तविक संपत्ति या एसेट के रूप में मान्यता दी है। UPCOS के पोर्टल और वेबसाइट को इसी उद्देश्य से लॉन्च किया गया है ताकि मानव संसाधन प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बन सके। नई व्यवस्था से संपूर्ण तंत्र एकीकृत होगा और कर्मचारियों को शासन की ओर से सीधे सुरक्षा व सुविधाएं मिलेंगी।
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