जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर-लद्दाख हाईवे पर बादल फटने से तबाही, कारें बही, भूस्खलन के कारण यातायात ठप जम्मू-कश्मीर एक घंटा पहले 4
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लद्दाख हाईवे और किश्तवाड़ के छात्रू इलाके में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से बड़ी अनहोनी टल गई है, लेकिन कई सड़कें बंद होने से आवाजाही प्रभावित है।

श्रीनगर-लद्दाख हाईवे पर प्राकृतिक आपदा

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिला है। श्रीनगर-लद्दाख नेशनल हाईवे पर मीनामार्ग के समीप बादल फटने की घटना के कारण हालात बिगड़ गए हैं। अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आने से हाईवे का यह हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस घटना के कारण ज़ोजिला इलाके के द्रास-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर भी असर पड़ा है, जिससे यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है।

पुलिस की तत्परता से टला बड़ा खतरा

बादल फटने की वजह से आई अचानक बाढ़ ने पुलिस पोस्ट मीनामार्ग के सामने डेरा डाले बकरवाल परिवारों के चार अस्थायी ठिकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस पूरी घटना में लगभग 20 लोग प्रभावित हुए थे। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए इन परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। सभी प्रभावित लोगों को पुलिस पोस्ट मीनामार्ग की मुख्य इमारत और पास स्थित भेड़ पालन विभाग के कार्यालय में सुरक्षित ठहराया गया है। गनीमत रही कि इस दौरान किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।

राहत और बचाव कार्य जारी

प्रभावित इलाके में इस समय प्रशासन की टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। सड़क साफ करने वाली मशीनरी और पुलिस के जवान मौके पर तैनात हैं ताकि मलबे को हटाकर जल्द से जल्द यातायात को बहाल किया जा सके। ज़िला पुलिस द्रास ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए पर्यटकों, स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे जल-धाराओं, उफनते हुए नालों और बाढ़ संभावित इलाकों के आसपास न जाएं। जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यात्रा में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बाढ़ में बही कार और अन्य नुकसान

इस आपदा की विभीषिका तब साफ दिखी जब अचानक आए पानी के तेज बहाव में एक वैगन-आर कार बह गई। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और कोई भी हताहत या घायल नहीं हुआ है। इसके बावजूद, प्रशासन ने लोगों को ऐसे संवेदनशील रास्तों से बचने की चेतावनी दी है जहां पानी का बहाव तेज हो।

छात्रू में भी मची तबाही

श्रीनगर-लद्दाख हाईवे के अलावा, किश्तवाड़ जिले का छात्रू क्षेत्र भी बादल फटने से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते शनिवार देर रात लगभग ढाई बजे हुई इस घटना में दो मकान और दो दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि दो कारें पानी के साथ बह गईं। इस बाढ़ के कारण किश्तवाड़-छात्रू-सिंथन नेशनल हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। मुख्य बाजार में भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और कीचड़ जमा हो गया है।

जनजीवन पर असर और स्कूलों में अवकाश

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चेनाब घाटी में आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में उरी के बिजहिमा इलाके में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई थी, जहां मलबे और पत्थरों के आने से बड़ा इलाका प्रभावित हुआ था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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