पंजाब
एक घंटा पहले
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प्रदर्शन खत्म होने के बाद आगे की राह
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से जारी प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना धरना वापस ले लिया है। नीट परीक्षा में पेपर लीक और छात्रों द्वारा की गई आत्महत्या के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की सभी शर्तों को स्वीकार करने के बाद संपन्न हुआ। अब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य के कदमों को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
रणनीति पर क्या बोले अभिजीत दिपके
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के खत्म होने के बाद अभिजीत दिपके ने कहा कि उनकी टीम आगे की रणनीति पर काम कर रही है और वे बहुत जल्द इसका खुलासा करेंगे। दिपके ने स्पष्ट किया कि चूंकि आंदोलन अभी हाल ही में समाप्त हुआ है, इसलिए उन्हें भविष्य की योजना तय करने के लिए थोड़ा समय चाहिए। रविवार को उन्होंने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से भी मुलाकात की है।
पंजाब में सामने आए कथित पेपर लीक मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में दिपके ने कहा कि वे इस विषय पर भी पूरी गंभीरता से बात करेंगे और फिलहाल इसके लिए ठोस योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने सरकार के साथ चल रही बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई FIR को वापस लेने पर चर्चा जारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होना चाहिए।
मनीष सिसोदिया ने दावों को बताया प्रोपेगेंडा
दूसरी ओर, पंजाब में पेपर लीक होने की चर्चाओं को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया ने पूरी तरह से नकार दिया है। सिसोदिया का कहना है कि यह केवल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस का फैलाया हुआ प्रोपेगेंडा है। सिसोदिया ने दावा किया कि पिछले साढ़े 4 साल के दौरान पंजाब में एक भी पेपर लीक की घटना नहीं हुई है।
आप नेता ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दल सोशल मीडिया पर अपने पेड ट्रोल के माध्यम से अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार के झूठ और नकारात्मक राजनीति के कारण जनता ने इन दलों को नकार दिया है।
क्या था असल मामला?
मनीष सिसोदिया ने पंजाब की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वहां कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने घटनाक्रम का विवरण देते हुए कहा कि राज्य की एक यूनिवर्सिटी में कुछ छात्र नकल करने की मंशा से ब्लूटूथ युक्त स्मार्ट पेन लेकर कक्षा में पहुंच गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन उपकरणों को फौरन जब्त कर लिया और उन छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई। सिसोदिया ने इन राजनीतिक दलों को चेतावनी दी कि वे झूठ फैलाना बंद करें।
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