गुप्त मिशन में वैज्ञानिकों के हाथ लगा व्हेलों का विशाल 'कब्रिस्तान', 1200 किलोमीटर में पसरे मिले 53 लाख साल पुराने अवशेष विश्व 2 घंटे पहले 2
हिंद महासागर की गहराई में वैज्ञानिकों ने समुद्र तल पर 1200 किलोमीटर तक फैले व्हेलों के विशाल कब्रिस्तान की खोज की है, जहाँ का सबसे पुराना जीवाश्म करीब 53 लाख साल पुराना है। यहाँ विलुप्त हो चुकी व्हेल की एक नई प्रजाति के अवशेष भी मिले हैं।

हिंद महासागर की अथाह गहराइयों में वैज्ञानिकों को व्हेलों का एक बड़ा कब्रिस्तान मिला है। जब कोई व्हेल मरती है तो उसका शरीर समुद्र की गहराई में नीचे जाकर बैठ जाता है, जिसे 'व्हेल फॉल' कहा जाता है। इसके बाद उसका शरीर और हड्डियाँ अनेक समुद्री जीवों के लिए भोजन और आश्रय का जरिया बन जाती हैं।

1200 किलोमीटर में फैला 'कब्रिस्तान'

हाल ही में वैज्ञानिकों ने हिंद महासागर के समुद्र तल पर करीब 1200 किलोमीटर लंबे इलाके में व्हेलों की हड्डियों और जीवाश्मों का विशाल भंडार खोज निकाला है। यह क्षेत्र समुद्र की सतह से 13000 से 23000 फीट तक की गहराई में मौजूद है। यह कोई भयावह जगह नहीं, बल्कि समुद्री जीवन से भरपूर एक अनूठा इकोसिस्टम है।

23000 फीट की गहराई पर दिखे पहले अवशेष

यह खोज 2023 में उस समय हुई जब चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस की एक टीम समुद्र के सबसे गहरे हिस्सों में शोध कर रही थी। एक पनडुब्बी की मदद से वैज्ञानिकों ने करीब 23000 फीट की गहराई पर व्हेल की पहली हड्डी देखी। आगे की पड़ताल में उन्हें सैकड़ों अवशेष मिलते चले गए।

शोधकर्ताओं ने इस इलाके में 485 व्हेल जीवाश्म स्थलों को दर्ज किया है। इनमें से कुछ अवशेष करीब 53 लाख साल पुराने हैं। यहाँ वैज्ञानिकों को व्हेल की ऐसी प्रजाति के अवशेष भी मिले हैं, जो अब विलुप्त हो चुकी है और जिसे पहली बार देखा गया है।

कई और जीवों के अवशेष भी मिले

इन व्हेलों के अवशेषों के आसपास कुछ दूसरी प्रजातियों के निशान भी मिले हैं। इनमें जेलीफिश, समुद्री कीड़े, ब्रिटिल स्टार्स और कई अन्य समुद्री जीव शामिल हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इनमें से कुछ प्रजातियाँ विज्ञान के लिए बिल्कुल नई हो सकती हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक यह खोज सिर्फ व्हेलों के इतिहास को समझने में मदद नहीं करेगी, बल्कि समुद्र की गहराइयों में छिपे रहस्यमय जीवन और वहाँ के इकोसिस्टम के बारे में भी नई जानकारी देगी।

समुद्र के खुलेंगे नए राज

वैज्ञानिकों का कहना है कि गहरा समुद्र बिल्कुल बंजर नहीं है, वहाँ जीवन से जुड़े अनगिनत रहस्य मौजूद हैं और समुद्री जीवों के इतिहास की झलक मिलती है। यह खोज इस बात का सबूत है कि पृथ्वी के महासागरों में आज भी बहुत कुछ ऐसा है, जिसे इंसान अब तक न देख पाया है और न समझ पाया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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