J-20 के मुख्य पंखों के आगे लगे दो छोटे पंख, जिन्होंने इस फाइटर जेट को बनाया और भी घातक विश्व एक घंटा पहले 3
चीन के J-20 'माइटी ड्रैगन' की असली ताकत उसके मुख्य पंखों के आगे लगे दो छोटे पंख यानी कैनार्ड्स हैं, जो इस भारी-भरकम स्टील्थ विमान को हवा में गजब की फुर्ती देते हैं और डॉगफाइट से लेकर मिसाइल को चकमा देने तक में इसे बढ़त दिलाते हैं।

आसमान में महाशक्तियों के बीच चल रही वर्चस्व की होड़ के बीच चीन का सबसे आधुनिक और भारी स्टील्थ फाइटर जेट J-20 'माइटी ड्रैगन' इन दिनों दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के लिए चर्चा और जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। इस विमान की सबसे बड़ी खासियत और अनोखी पहचान इसके मुख्य पंखों के ठीक आगे लगे दो बेहद छोटे पंख हैं, जिन्हें विमानन तकनीक की भाषा में 'कैनार्ड्स' कहा जाता है।

आमतौर पर रडार की पकड़ से पूरी तरह बचे रहने वाले 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ विमानों में इस तरह के अतिरिक्त पंख लगाने से परहेज किया जाता है, मगर चीन ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत J-20 में इस डिजाइन को अपनाया है। यही वह खूबी है जो इस विशालकाय और भारी लड़ाकू विमान को आसमान में किसी हल्के फाइटर जेट जैसी अकल्पनीय फुर्ती और रफ्तार प्रदान करती है।

छोटे पंखों में पासा पलटने की ताकत

जब बात आमने-सामने की हवाई जंग यानी डॉगफाइट की होती है, तो J-20 के ये अगले छोटे पंख पूरा खेल पलट देने का दम रखते हैं। हवा के दबाव को चीरते हुए ये कैनार्ड्स विमान की नाक को पलक झपकते किसी भी दिशा में मोड़ने की आजादी देते हैं। इसी क्षमता के बल पर J-20 दुश्मन के लड़ाकू विमानों की स्थिति को भांपकर हवा में ऐसी जोखिम भरी कलाबाजियां दिखा सकता है कि विरोधी पायलट का निशाना चूक जाए।

सिर्फ इतना ही नहीं, आधुनिक युद्ध के मैदान में जब दुश्मन की कोई खतरनाक मिसाइल J-20 की ओर बढ़ती है, तब ये छोटे पंख जेट को भारी जी-फोर्स सहते हुए अचानक रास्ता बदलने में मदद करते हैं। इसके चलते विरोधी मिसाइल हवा में ही दिशाभ्रमित होकर नाकाम हो जाती है।

J-20 माइटी ड्रैगन की 5 मुख्य बातें

  • दोहरे पंखों का अनोखा कमाल: J-20 के मुख्य त्रिकोणीय डेल्टा पंखों के ठीक आगे, कॉकपिट के पास दो छोटे पंख यानी कैनार्ड्स लगे हैं, जो इसे दुनिया का इकलौता कैनार्ड-स्टील्थ जेट बनाते हैं।
  • डॉगफाइट का असली बादशाह: इन छोटे पंखों की बदौलत यह विमान हवा में बहुत तीखे मोड़ ले सकता है, जिससे आमने-सामने की लड़ाई में यह दुश्मन के जहाज पर आसानी से भारी पड़ता है।
  • विरोधी मिसाइलों को चकमा: जब भी कोई मिसाइल इस जेट को निशाना बनाती है, तो कैनार्ड्स की मदद से यह अचानक दिशा बदलकर मिसाइल के लॉक-ऑन सिस्टम को तोड़ देता है।
  • भारी वजन के बावजूद गजब की फुर्ती: J-20 आकार में दुनिया का सबसे लंबा और भारी स्टील्थ जेट है, फिर भी ये छोटे पंख इसे हवा में एक हल्के और फुर्तीले विमान जैसी ताकत देते हैं।
  • कम दूरी में टेक-ऑफ की क्षमता: ये अतिरिक्त पंख विमान को ऊपर उठने के लिए अतिरिक्त 'लिफ्ट' देते हैं, जिससे यह भारी हथियारों के साथ भी छोटे रनवे से आसानी से उड़ान भर लेता है।

अमेरिकी जेट में नहीं मिलती कैनार्ड्स तकनीक

एविएशन इंजीनियरिंग के नजरिए से देखें तो चीन ने J-20 में कैनार्ड्स लगाकर एक बड़ा तकनीकी जुआ खेला है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ हमेशा यह मानते आए हैं कि स्टील्थ विमानों में जितने ज्यादा गतिशील हिस्से होंगे, वे रडार की तरंगों को उतना ही अधिक परावर्तित करेंगे। यही कारण है कि अमेरिका के F-22 और F-35 में कभी कैनार्ड्स नहीं दिए गए, क्योंकि अमेरिका '100% परफेक्ट स्टील्थ' चाहता था।

क्या चीन ने स्टील्थ से थोड़ा समझौता किया?

हालांकि चीन की सोच इससे अलग रही। चीन को प्रशांत महासागर में लंबी दूरी तक मार करने वाला एक भारी विमान चाहिए था, जिसकी ईंधन क्षमता और पेलोड (11 टन) बहुत अधिक हो। इतने भारी विमान को आसमान में फुर्तीला बनाए रखना पारंपरिक डिजाइन से संभव नहीं था।

यही वजह है कि चीनी इंजीनियरों ने स्टील्थ से थोड़ा समझौता मंजूर किया, लेकिन J-20 को कैनार्ड्स देकर 'सुपर-मैनुवरेबिलिटी' यानी अत्यधिक फुर्ती से लैस कर दिया। इससे साफ है कि चीन सिर्फ लंबी दूरी से मिसाइल दागने में यकीन नहीं रखता, बल्कि डॉगफाइट की स्थिति में भी अमेरिकी और पश्चिमी देशों के विमानों को मार गिराने की पूरी तैयारी कर चुका है।

सवाल-जवाब

1. J-20 के पंखों के आगे लगे छोटे पंखों को तकनीकी भाषा में क्या कहते हैं?

J-20 के मुख्य पंखों के आगे लगे इन छोटे पंखों को एविएशन तकनीक की भाषा में 'कैनार्ड्स' (Canards) कहा जाता है।

2. ये छोटे पंख डॉगफाइट में J-20 को क्या विशेष फायदा देते हैं?

ये छोटे पंख हवा के भारी दबाव को नियंत्रित कर जेट की नाक को तेजी से घुमाते हैं, जिससे विमान डॉगफाइट में पलक झपकते खतरनाक कलाबाजियां दिखाकर दुश्मन के पीछे पहुंच जाता है।

3. क्या ये छोटे पंख दुश्मन की मिसाइलों से बचने में भी मदद करते हैं?

हां, इनकी मदद से J-20 बहुत तेज गति में भी अचानक दिशा बदल सकता है, जिससे दुश्मन की आ रही मिसाइल का निशाना चूक जाता है और वह हवा में ही नाकाम हो जाती है।

4. अमेरिका अपने F-22 और F-35 में इस तरह के पंख क्यों नहीं लगाता?

क्योंकि हवा में मुड़ते समय ये छोटे पंख रडार की किरणों को परावर्तित करते हैं, जिससे स्टील्थ क्षमता कमजोर पड़ती है। अमेरिका 100% अचूक स्टील्थ को प्राथमिकता देता है।

5. क्या J-20 के अलावा किसी और 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट में ऐसे पंख हैं?

नहीं, फिलहाल दुनिया भर में सेवा दे रहे 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट्स में केवल चीन का J-20 ही इकलौता ऐसा विमान है जिसमें कैनार्ड्स लगे हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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