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5 घंटे पहले
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इस वर्ष वैश्विक स्तर पर मौसम के मिजाज में काफी अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं अत्यधिक गर्मी लोगों का जीना दूभर कर रही है, तो कहीं भयंकर चक्रवातों और तूफानों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में भारत के पड़ोसी देश चीन में प्रकृति का बेहद विनाशकारी रूप सामने आया है, जहां एक बेहद शक्तिशाली तूफान ने तटीय क्षेत्रों में दस्तक दी है। इस खतरनाक तूफान की अधिकतम रफ्तार 126 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर आपदा प्रबंधन योजना तैयार की है।
चीन के तटीय क्षेत्रों से टकराया इस साल का 18वां तूफान
भारत के विभिन्न राज्यों में जहां मानसूनी वर्षा के कारण बाढ़ जैसी गंभीर परिस्थितियां बनी हुई हैं, वहीं पड़ोसी देश चीन इस समय लगातार तूफानों की मार झेल रहा है। चीन के फुजियान प्रांत के तटीय क्षेत्र में इस वर्ष का 18वां तूफान, जिसे 'साउडेल' नाम दिया गया है, गुरुवार की सुबह तीसरी बार जमीन से टकराया (लैंडफॉल हुआ)। स्थानीय मौसम विज्ञान वेधशाला द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, तूफान के केंद्र के समीप हवाओं की अधिकतम गति 23 मीटर प्रति सेकंड यानी करीब 86 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी। यह तूफान गुरुवार की सुबह लगभग 6 बजकर 30 मिनट पर फुजियान प्रांत के झांगझोउ शहर के अंतर्गत आने वाले झांगपु काउंटी के तट से टकराया।
झेजियांग प्रांत में पहले ही मच चुकी है भारी तबाही
इससे पहले, साउडेल तूफान पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के तटीय इलाकों में दो बार अपना कहर बरपा चुका है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 28 अगस्त को इस तूफान ने झेजियांग प्रांत में पहली बार दस्तक दी थी। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पहली बार यह सुबह लगभग 8 बजकर 5 मिनट पर तटीय हिस्से से टकराया था, और उस समय इसके केंद्र के पास हवाओं की रफ्तार बेहद खतरनाक यानी 35 मीटर प्रति सेकंड मापी गई थी। इसके कुछ ही समय बाद, सुबह तकरीबन 9 बजकर 10 मिनट पर इस तूफान ने झेजियांग प्रांत के वेनझोउ शहर के तट पर दूसरी बार लैंडफॉल किया। इस दूसरे प्रहार के दौरान हवा की अधिकतम गति 33 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई, जो लगभग 126 किलोमीटर प्रति घंटा के बराबर है।
लेवल-1 की आपातकालीन चेतावनी और बड़े पैमाने पर सुरक्षा कार्य
तूफान की भयानकता और जोखिम को देखते हुए झेजियांग प्रांतीय प्रशासन ने 27 अगस्त को ही अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को अपग्रेड कर स्तर-1 (लेवल-1) कर दिया था, जो आपदा प्रबंधन का सबसे उच्चतम स्तर माना जाता है। अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर यह सुनिश्चित किया कि समुद्र में कोई भी व्यक्ति, जहाज या अन्य गतिविधियां न रहें। फुजियान प्रांत के बाढ़ नियंत्रण और सूखा राहत मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, 28 अगस्त की सुबह 7 बजे तक बेहद संवेदनशील और जोखिम वाले इलाकों से लगभग 247700 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से तुरंत निपटने के लिए 80000 से अधिक राहत बचाव कर्मियों की तैनाती की गई है और 80000 से ज्यादा सुरक्षा उपकरणों को तैयार रखा गया है।
खतरे का सटीक आकलन करने मैदान में उतरे वैज्ञानिक
चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा 28 अगस्त की सुबह तूफान को लेकर एक विशेष चेतावनी जारी की गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा और यह 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा। तूफान की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से झेजियांग प्रांत में सुरक्षा और जोखिम से जुड़े व्यापक निरीक्षण किए गए हैं। इस पूरे अभियान के तहत किए गए कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
- खतरे की निगरानी के लिए 4000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था।
- इन कर्मियों ने भू-वैज्ञानिक खतरों के प्रति बेहद संवेदनशील 7200 से अधिक संभावित जगहों और जोखिम वाले क्षेत्रों में 19000 से अधिक बार गश्त की।
- भू-वैज्ञानिक खतरों का सटीक आकलन करने और जोखिमों की समय रहते पहचान करने के लिए 564 भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों को विशेष तौर पर 73 काउंटियों में भेजा गया है।
इस बड़े पैमाने पर की गई तैयारियों के कारण प्रशासन को उम्मीद है कि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर रखा जा सकेगा, जबकि वैज्ञानिक दल और आपदा विभाग के कर्मचारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं।
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