ताइवान के निकट दिखे जापानी विमान, 'जासूसी प्लेन' की मौजूदगी से तिलमिलाया चीन, समुद्र में तेज हुई हलचल विश्व 2 घंटे पहले 1
चीन ने दावा किया है कि ताइवान के दक्षिण-पूर्वी समुद्री इलाके में उसकी गश्त के दौरान जापान के दो संदिग्ध निगरानी विमान नजर आए। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब बीजिंग ने ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में अपनी गश्त बढ़ा दी है।

चीन और जापान के बीच बीते कुछ दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उत्तर कोरिया यात्रा को जापान के लिए नाराजगी की वजह माना जा रहा है। अब जापान की ओर से ऐसा कदम सामने आया है, जिसने बीजिंग की बेचैनी और बढ़ा दी है। चीन का दावा है कि अपनी समुद्री गश्त के दौरान उसने जापान के दो जासूसी विमानों को ताइवान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में देखा।

चीन के सरकारी टीवी चैनल CCTV से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट युयुआन तांतियान की ओर से जारी वीडियो के अनुसार, सोमवार को चीन की समुद्री टास्क फोर्स ने दो फिक्स्ड-विंग विमानों को देखा, जो जापान कोस्ट गार्ड के विमान प्रतीत हो रहे थे। वीडियो में बताया गया कि पहला विमान सुबह 6:15 बजे और दूसरा दोपहर 2:11 बजे नजर आया। दूसरे विमान पर जापान कोस्ट गार्ड की नीले-सफेद रंग वाली पहचान भी दिखाई दी।

चीन ने आखिर क्यों बढ़ाई अपनी गश्त?

चीन ने इस महीने ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में अपनी गश्त तेज कर दी है। इसके पीछे की वजह मई में जापान और फिलीपींस के बीच हुई समुद्री सीमा वार्ता को माना जा रहा है। दोनों देश पश्चिमी प्रशांत महासागर में अपने ओवरलैपिंग समुद्री क्षेत्रों और विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सीमाएं तय करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। यह इलाका ताइवान के पूर्व में स्थित है।

बीजिंग ने इन वार्ताओं को 'पूरी तरह अवैध और अमान्य' करार दिया है। चीन का आरोप है कि बातचीत में उसे नजरअंदाज किया गया, जिससे उसके समुद्री अधिकारों पर असर पड़ सकता है।

क्या वाकई जापान ने भेजे जासूसी विमान?

चीनी सैन्य विशेषज्ञ फू चियानशाओ का मानना है कि दोनों विमान इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने में इस्तेमाल होने वाले टोही विमान हो सकते हैं। उनके मुताबिक इन विमानों का उद्देश्य चीन के जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखना और जानकारी एकत्र करना था।

फू के अनुसार, एक विमान को ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप यात्री विमान से बदला गया हो सकता है, जबकि दूसरा ट्विन-इंजन बिजनेस जेट पर आधारित हो सकता है। उन्होंने कहा, 'विमान के नीचे लगा बड़ा उभार संभवतः इलेक्ट्रॉनिक खुफिया उपकरणों को रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।'

ताइवान के आसपास चलाया गया विशेष अभियान

चीन के परिवहन मंत्रालय की ओर से चलाया गया यह विशेष समुद्री अभियान शनिवार से शुरू हुआ और बुधवार तक जारी रहा। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, तीन समुद्री गश्ती जहाजों और एक बचाव पोत ने क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों की जांच की और उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी की पुष्टि की।

इस दौरान समुद्र में निर्माण क्षेत्रों, बिजली के केबल और कम्युनिकेशन नेटवर्क वाले इलाकों की भी निगरानी की गई।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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