न नक्शा, न मशीन... मिनटों में बता देते हैं पानी का पता, 15 साल से बिना शुल्क लिए दे रहे सटीक जानकारी
मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो बीते 15 सालों से समाज सेवा में जुटे हुए हैं। छतरपुर के रहने वाले श्याम गिरि महाराज को एक ऐसी सिद्धि प्राप्त है, जिसके सहारे वह कुछ ही मिनटों में बता देते हैं कि जमीन के नीचे पानी है या नहीं। यही नहीं, अगर पानी है तो वह कितना है और कितने इंच निकलेगा, इसकी भी सटीक जानकारी वह दे देते हैं।
महाराज जहां भी निशान लगाते हैं, वहीं से पानी निकल आता है। कहां पानी मिलेगा और कितनी मात्रा में निकलेगा, इसका ठीक-ठीक अनुमान वह बता देते हैं। आइए, उन्हीं की जुबानी इस पूरी बात को समझते हैं।
बुंदेलखंड की सूखे की समस्या ने दी प्रेरणा
श्री श्री श्री 108 बालकदास श्याम गिरि महाराज बताते हैं कि बुंदेलखंड का इलाका सूखे के लिए जाना जाता है। ऐसे हालात देखकर उन्हें लगा कि लोगों की सेवा करनी चाहिए। इसके बाद जहां भी कुआं खुदा या बोरिंग हुई, उन्होंने हर जगह पानी की सही जानकारी दी।
वह बताते हैं कि जो लोग पानी की समस्या से जूझ रहे होते हैं, वे बोरिंग कराते हैं और फिर उन्हें बुलाते हैं। महाराज के अनुसार, जब वह सामने वाले की भावना को समझ लेते हैं, तभी मौके पर पानी देखने पहुंचते हैं। अगर वहां पानी होता है, तो वह बता देते हैं कि यहां सौ प्रतिशत पानी निकलेगा और कितने इंच निकलेगा, यह भी स्पष्ट कर देते हैं।
नहीं लेते कोई शुल्क
महाराज कहते हैं कि इस काम के बदले वह कुछ नहीं लेते। बस इतना चाहते हैं कि सामने वाला उनका किराया खर्च दे दे। जब लोग उनके आश्रम आते हैं तो एक चमीटा लेते हैं, जिसे वह सिद्ध बाबा महाराज को चढ़ा देते हैं।
जल और नारियल से पता लगाते हैं पानी
श्याम गिरि महाराज बताते हैं कि वह जल और नारियल की सहायता से जमीन के भीतर पानी का पता लगाते हैं। इसके साथ ही जमीन में कितने इंच पानी निकलेगा, यह भी वह बता देते हैं।
उनका दावा है कि जहां-जहां उन्होंने पानी बताया, वहां-वहां पानी निकला। इस साल उनके दिशानिर्देश में 25 बोर कराए गए और इन सभी बोर में उतना ही पानी निकला, जितना उन्होंने पहले बताया था।
अन्न त्याग से मिली सिद्धि
महाराज बताते हैं कि बचपन में ही वह तपस्या के लिए घर छोड़कर निकल गए थे। गुरु महाराज की शरण में रहकर उन्होंने सालों साल तपस्या की और 12 साल तक अन्न नहीं खाया। इस दौरान वह केवल दूध और फल-फूल पर ही निर्भर रहे।
उनके अनुसार, उनके गुरु जी पर सिद्ध बाबा महाराज की कृपा है और वही कृपा कुछ हद तक उन पर भी है। वह कहते हैं कि सिद्ध बाबा का जहां स्थान होता है, वहां पानी जरूर निकलता है।
4 फुट पर निकाल दिया था पानी
महाराज एक घटना का जिक्र करते हुए बताते हैं कि एक बार भगवान का बड़ा भंडारा होना था, लेकिन वहां पानी नहीं था। ऐसे में उन्होंने 4 फुट पर ही पानी निकाल दिया और लगातार 4 दिनों तक बढ़िया भंडारा चला। हालांकि बाद में वह पानी सूख गया। वह यह भी बताते हैं कि वह बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री महाराज से मिलने जाते रहते हैं।
पैसों के लालच को ठुकराया
श्याम गिरि महाराज बताते हैं कि बोरिंग मशीन वाले उन्हें पैसों का लालच भी दे चुके हैं, लेकिन उन्होंने अपने गुरु से जो विद्या सीखी है, वह समाज सेवा के लिए है। वह कहते हैं कि जब लोगों की सेवा के लिए जीवन के सुखों को त्याग दिया, तो फिर पैसे कमाकर क्या करेंगे। एक साधु-संत महात्मा को भोजन ही चाहिए, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
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