उत्तराखंड
एक घंटा पहले
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उत्तराखंड के चमोली में हेलीकॉप्टर दुर्घटना
उत्तराखंड के चमोली जिले से आज एक बेहद दुखद समाचार सामने आया है। बद्रीनाथ धाम की यात्रा से लौट रहा एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया है। इस भीषण दुर्घटना में सवार सभी 6 लोगों की मृत्यु हो गई है। स्थानीय प्रशासन और सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि खराब मौसम के चलते यह हेलीकॉप्टर चमोली के चांई और थैंग गांव के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल में हड़कंप मच गया और तत्काल प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्यों को शुरू कर दिया गया।
हेलीकॉप्टर का सफर और हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का एयरबस H125 हेलीकॉप्टर जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX है, आज 30 अक्टूबर 2026 को बद्रीनाथ धाम से उड़ान भरी थी। हेलीकॉप्टर में कुल 5 यात्री और 1 पायलट सवार थे, जो ऋषिकेश के लिए प्रस्थान कर रहे थे। उड़ान भरने के महज 7 से 8 मिनट बाद ही यह हेलीकॉप्टर बद्री घाटी में दुर्घटना का शिकार हो गया। खराब मौसम और दृश्यता में कमी को इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। सेना की ओर से प्रशासन को इस संबंध में सूचित किए जाने के बाद घटना स्थल का पता लगाया गया और प्रशासन ने हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की पुष्टि की।
दुर्घटना में जान गंवाने वालों की सूची
इस हादसे में जो लोग काल के गाल में समा गए हैं, उनमें पायलट सहित कुल 6 लोग शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
- कैप्टन हिमांशु सभरवाल (पायलट)
- अरुण सालुंके
- एच. एस. नागराजा
- प्रताप बच्चिहल्ली निंगराजन
- शंकरगौड़ा वी.बी.
- सुधीर के.
इस घटना की पुष्टि चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि जैसे ही हेलीकॉप्टर की लोकेशन गायब होने की सूचना मिली, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जोशीमठ के निकट चांई गांव के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना की सूचना अत्यंत कष्टदायक है। जिला प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें संयुक्त रूप से वहां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए थे कि यदि कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से घायल मिलता है, तो उसे तुरंत एयरलिफ्ट कर बेहतर चिकित्सा के लिए बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जाए। हालांकि, दुर्भाग्यवश हादसे में किसी के जीवित बचने की सूचना नहीं मिली है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति
घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव दल को वहां तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चमोली के जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन और हेली कंपनी के अधिकारी तालमेल बिठाकर स्थिति को संभालने में जुटे रहे। चाई और थायंग गांव के ऊपर हुई इस दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय स्तर पर भी बचाव कार्यों में मदद के लिए लोग जुट गए थे। इस हादसे ने बद्रीनाथ की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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