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एक घंटा पहले
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हिमाचल प्रदेश के चंबा में पिता की हैवानियत
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक पिता ने अपने ही छह साल के मासूम बेटे गगनदीप को रावी नदी के हवाले कर दिया। इस घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी बच्चे का कोई अता-पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार बच्चे की खोजबीन में जुटी हुई हैं, लेकिन रावी नदी के तेज बहाव और जलस्तर में वृद्धि के कारण सर्च ऑपरेशन में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने आरोपी पिता हितेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उससे घटना के हर पहलू पर गहन पूछताछ की जा रही है। मासूम के जीवित मिलने की संभावनाएं अब लगभग शून्य के बराबर बची हैं।
घटना की रात और पत्नी से बातचीत
जांच में यह सामने आया है कि हितेश कुमार मूल रूप से कियानी के पास स्थित डभूंई गांव का रहने वाला है। वह पहले बद्दी में नौकरी करता था। आरोपी की पत्नी सारिका के साथ उसका काफी समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते पत्नी अपने एक अन्य बेटे के साथ पंजाब के अमृतसर में अपने मायके में रह रही थी। आरोपी हितेश चंबा के परेल इलाके में एक किराए के मकान में अपने छह साल के बेटे गगनदीप के साथ रह रहा था और एक निजी कंपनी में कार्यरत था। सोमवार की शाम करीब साढ़े सात बजे आरोपी अपने बेटे को लेकर परेल पुल पर पहुंचा था। बच्चे की दादी बबली ने बताया कि उन्होंने उस दिन शाम को करीब साढ़े सात बजे ही अपने बेटे हितेश को फोन किया था। जब उन्होंने अपनी बहू के बारे में पूछा तो हितेश ने चिढ़कर फोन बंद करने की बात कही। करीब दस मिनट बाद जब दादी ने दोबारा फोन किया, तो हितेश ने उन्हें बताया कि उसने अपने बेटे को रावी नदी में फेंक दिया है।
दादी का बयान और परिवार का सदमा
दादी बबली के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। इस बर्बर जानकारी को सुनकर परिवार के लोग गहरे सदमे में चले गए। उस रात आरोपी हितेश लगातार अपनी बातों को बदलता रहा। अगली सुबह परिवार की ओर से पुलिस के पास इस घटना की शिकायत दर्ज कराई गई। दादी बबली का कहना है कि अभी भी उनका मन मानने को तैयार नहीं है कि उनका बेटा ऐसा कदम उठा सकता है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि मासूम गगनदीप ने नदी में फेंके जाने से ठीक पहले अपने पिता से मासूमियत से पूछा था कि पानी बहुत गहरा है, आप यह क्या कर रहे हैं। हालांकि, पिता का दिल नहीं पसीजा और उसने बच्चे को पुल से नीचे धक्का दे दिया।
डायरी में लिखा था पूरा खौफनाक सच
पुलिस को मौके से एक डायरी मिली है, जो जांच में एक बड़े सबूत के तौर पर देखी जा रही है। आरोपी ने इस डायरी में घटना से जुड़ी अपनी योजना और पारिवारिक क्लेश के बारे में सब कुछ लिखा था। पुलिस ने डायरी को बरामद कर लिया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पूछताछ में हितेश ने स्वीकार किया है कि वह भी नदी में कूदकर अपनी जान देना चाहता था, लेकिन दो बार कोशिश करने के बावजूद वह हिम्मत नहीं जुटा पाया। आरोपी ने यह भी खुलासा किया है कि उसकी पत्नी उसे अक्सर दूसरे बेटे को भी अपने पास ले जाने की धमकी दिया करती थी, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था और इसी गुस्से में उसने बड़े बेटे को मौत के घाट उतारने का भयावह निर्णय ले लिया।
पुलिस जांच और सर्च ऑपरेशन
चंबा के एसपी विजय सकलानी ने बताया कि 112 नंबर के जरिए पुलिस को घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किस हद तक पारिवारिक विवाद ने उसे इस कदर मजबूर कर दिया कि उसने अपने ही खून का कत्ल कर दिया। पुलिस ने पत्नी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है ताकि घटना के असली कारणों की तह तक पहुंचा जा सके।
बुधवार और गुरुवार को चले सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ की टीम, स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से रावी नदी के किनारे और संभावित स्थानों पर छानबीन की। नदी का जलस्तर काफी अधिक है, जिससे गोताखोरों और रेस्क्यू टीम को बच्चे को खोजने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। एएसपी दिनेश शर्मा ने बताया कि अभी तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला है, लेकिन टीमें लगातार नदी में तलाशी अभियान चला रही हैं। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, घटना के पीछे के अन्य संभावित कारण भी स्पष्ट हो जाएंगे। फिलहाल पूरा क्षेत्र इस घटना से स्तब्ध है और हर तरफ केवल मासूम गगनदीप की ही चर्चा हो रही है।
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