चलती ट्रेन में बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा करने वाले यात्री पर सख्त कार्रवाई, रेलवे ने उठाया बड़ा कदम महाराष्ट्र एक घंटा पहले 2
ट्रेन की यात्रा के दौरान अपनी बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा करना एक यात्री को भारी पड़ गया। मध्य रेलवे ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के चलते यात्री के खिलाफ केस दर्ज कर उसे ट्रेन से उतार दिया।

सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी

ट्रेन के अंदर यात्रा करते समय सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करना एक यात्री को महंगा साबित हुआ। एक चलती ट्रेन के डिब्बे में अपनी बर्थ पर बैठकर दीपक जलाकर पूजा करने के आरोप में रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। 55 वर्षीय इस यात्री को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया और उसके विरुद्ध पुलिस में कानूनी मामला दर्ज किया गया है। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने मंगलवार को इस पूरे मामले की जानकारी साझा की। रेलवे ने सभी यात्रियों से यह अपील की है कि वे ट्रेन के अंदर किसी भी तरह के ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं और न ही चलती ट्रेन में दीपक, अगरबत्ती या मोमबत्ती जैसी चीजें जलाएं।

ट्रेन में लग सकती थी भीषण आग

रेलवे की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि इस तरह की लापरवाही से ट्रेन में आग लगने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। यह हरकत न केवल यात्री बल्कि अन्य सभी यात्रियों की जान और रेलवे की संपत्ति को भी जोखिम में डालती है। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना 31 अगस्त को ट्रेन संख्या 12782 यानी हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस में घटित हुई। जब इस बारे में अधिकारियों को पता चला, तो उन्होंने तुरंत कोच ए-1 में टिकट जांच कर्मचारी को जांच के लिए भेजा। वहां मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी गरीब नाम का यात्री अपनी बर्थ संख्या 17 पर दीपक जलाए हुए मिला।

यात्री से बरामद हुआ सामान

मध्य रेलवे ने बताया कि यात्री के पास से एक माचिस, पीतल का दीपक और एक स्टील का डिब्बा जब्त किया गया है। इस घटना के बाद यात्री को भुसावल स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया गया। टिकट परीक्षक ने यात्री को शुरुआत में ही समझाया था कि दीपक की लौ बुझा दे, क्योंकि इससे आग लगने की संभावना है, लेकिन यात्री ने कोई परवाह नहीं की।

पूजा करने की जिद पर अड़ा था यात्री

आरोप है कि टिकट परीक्षक द्वारा बार-बार मना किए जाने के बावजूद, यात्री अपनी पूजा को बीच में छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ और पूजा पूरी करने की जिद पर अड़ा रहा। मध्य रेलवे के अनुसार, टिकट परीक्षक ने इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल फोन में कर ली थी, जो साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल की जाएगी।

कानूनी कार्रवाई और सजा के प्रावधान

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्री के खिलाफ रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 153 और धारा 145(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(सी) के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया गया। नियमों के अनुसार, रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी कृत्य के लिए 5 साल तक की जेल हो सकती है। वहीं, धारा 145(बी) के तहत ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग करने पर 5000 रुपये तक का जुर्माना और कुछ मामलों में 5 साल की कैद का प्रावधान है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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