भारत के बीयर बाजार में साठ साल बाद हुई लॉयन ब्रूअरी की धमाकेदार वापसी, दिल्ली से शुरू हुआ कारोबार व्यापार एक घंटा पहले 3
ब्रिटेन की प्रतिष्ठित कंपनी लॉयन ब्रूअरी ने छह दशक लंबे अंतराल के बाद भारतीय बाजार में फिर से प्रवेश किया है। कंपनी ने फिलहाल दिल्ली में अपने प्रीमियम बीयर उत्पादों को उतारा है और भविष्य में अन्य राज्यों तक विस्तार की योजना बनाई है।

भारत में लॉयन ब्रूअरी की नई पारी

ब्रिटेन की प्रसिद्ध ब्रुअर कंपनी लॉयन ब्रूअरी ने भारत में एक बार फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी ने 60 साल से भी अधिक समय के बाद भारतीय बाजार में वापसी की है। इस रणनीतिक कदम के तहत कंपनी ने अपनी प्रीमियम बीयर की श्रेणी को दिल्ली के बाजार में पेश किया है। भारत के तेजी से फलते-फूलते प्रीमियम बीयर सेक्टर को भुनाने के इरादे से कंपनी ने स्थानीय स्तर पर कामकाज संभालने के लिए कॉपरड्रॉप स्पिरिट्स के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है।

उत्तर भारत में विस्तार की रूपरेखा

राजधानी दिल्ली से शुरुआत करने के बाद, लॉयन ब्रूअरी की योजना अपने कारोबार को तेजी से फैलाने की है। विस्तार के अगले चरण में कंपनी का लक्ष्य पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करना है। वर्ष 1836 में लंदन में स्थापित हुई इस कंपनी का भारत के साथ एक पुराना और गहरा इतिहास रहा है। ऐतिहासिक रूप से, लॉयन ब्रूअरी उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल थी जिन्होंने IPA स्टाइल की बीयर का निर्माण किया था और ब्रिटिश शासनकाल के दौरान इसे भारत में निर्यात किया जाता था।

विल जूलियस ने साझा की कंपनी की भावनाएं

लॉयन ब्रूअरी के मैनेजिंग डायरेक्टर विल जूलियस के अनुसार, भारत का बाजार उनके लिए केवल एक नया व्यापारिक गंतव्य नहीं है, बल्कि यह कंपनी के गौरवशाली इतिहास का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने बताया कि प्रीमियम बीयर सेगमेंट में जिस तरह से उपभोक्ता रुचि ले रहे हैं, उसे देखते हुए भारत में वापसी करना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव है। वर्तमान में, कंपनी ने भारत में आइलैंड लेगर और पेल ऐले नामक बीयर वेरिएंट्स पेश किए हैं, जो 330 मिलीलीटर की बोतलों में दिल्ली के चुनिंदा स्टोरों पर उपलब्ध हैं।

तेजी से बढ़ता प्रीमियम सेगमेंट

कंपनी का मानना है कि उन्होंने भारत में ऐसे समय में कदम रखा है जब यहां प्रीमियम बीयर के प्रति दीवानगी बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत का प्रीमियम बीयर सेगमेंट सालाना 40 प्रतिशत से भी अधिक की दर से विकास कर रहा है। शहरों में बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम, लोगों का हल्का और क्राफ्ट बीयर की ओर झुकाव और लगातार सामने आ रहे माइक्रो-ब्रूअरीज जैसे कारणों ने इस मार्केट को नई ऊर्जा दी है।

बाजार में संभावनाएं और भविष्य का अनुमान

भारत के बीयर मार्केट का कुल मूल्य वर्ष 2023 में लगभग 4.5 अरब डॉलर आंका गया था। आईएमएआरसी ग्रुप द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि भारतीय बीयर उद्योग वर्ष 2028 तक सालाना 8 से 10 प्रतिशत की चक्रवृद्धि दर से वृद्धि करेगा। हालांकि, प्रीमियम श्रेणी में यह विकास दर सामान्य बाजार की तुलना में कहीं अधिक तेज होने की उम्मीद है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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