'कलाई पर ब्रेसलेट, हाथ में राइफल'— 'काला हिरण' फिल्म के खिलाफ कोर्ट क्यों पहुंचे सलमान खान? मनोरंजन एक घंटा पहले 3
काले हिरण शिकार मामले पर बनी फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज और प्रचार रोकने के लिए सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जबकि निर्माता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

काले हिरण के शिकार से जुड़ा पुराना विवाद सलमान खान के लिए एक बार फिर मुसीबत बनकर लौट आया है। यह ऐसा मामला है जो लंबे समय से उनका पीछा कर रहा है। पहले से ही कानूनी पेचीदगियों और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की धमकियों से जूझ रहे अभिनेता की परेशानी अब एक नई फिल्म ने और बढ़ा दी है। इसी केस पर आधारित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के खिलाफ सलमान खान ने कानूनी रास्ता अपनाया है और इसकी रिलीज तथा प्रमोशन पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है।

फिल्म में क्या है, जिस पर सलमान को आपत्ति है

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' 1998 के काले हिरण शिकार प्रकरण को पर्दे पर उतारती है। इसके साथ ही इसमें सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच की दुश्मनी को प्रमुखता से दिखाया गया है। अभिनेता का तर्क है कि फिल्म का पोस्टर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाता है और चूंकि मामला अब भी अदालत में लंबित है, इसलिए यह फिल्म उनके 'पर्सनैलिटी राइट्स' का हनन करती है।

पोस्टर ने मचाई हलचल

मई के महीने में जब फिल्म का पहला पोस्टर सोशल मीडिया पर आया तो लोग देखकर चौंक गए, क्योंकि उसमें नजर आ रहा अभिनेता हूबहू सलमान खान जैसा दिखता था। पोस्टर में अभिनेता के हाथ में राइफल थी और उसकी कलाई पर सलमान का वही चर्चित फिरोजी रंग का ब्रेसलेट भी चमक रहा था। मेकर्स ने घोषणा की थी कि 20 जून को फिल्म का पहला टीजर जारी किया जाएगा।

कोर्टरूम ड्रामा और क्राइम थ्रिलर का रूप

यह फिल्म सलमान खान के उसी विवादित और पुराने काले हिरण शिकार मामले पर बुनी गई है। निर्माताओं ने इसे एक कोर्टरूम ड्रामा और क्राइम थ्रिलर का स्वरूप दिया है। खास बात यह है कि इसमें सलमान खान और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच जारी अदावत को बड़े पर्दे पर फिल्मी अंदाज में पेश करने की तैयारी है, जो इस समय खासी चर्चा में है।

कहां से शुरू हुआ था पूरा विवाद

इस पूरे विवाद का सिरा अक्टूबर 1998 से जुड़ता है, जब सलमान खान फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के सिलसिले में राजस्थान के जोधपुर में मौजूद थे। वहीं उन पर काले हिरणों का शिकार करने का आरोप लगा। चूंकि बिश्नोई समाज काले हिरण को भगवान के समान पूजता है, इसलिए उन्होंने इस मामले को अदालत तक पहुंचाया।

केस में किन-किन सितारों के नाम आए

इस मामले में उस समय सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे जैसे कई बड़े कलाकारों के नाम भी सामने आए थे, लेकिन वे सभी बरी हो गए। वर्ष 2018 में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। हालांकि उन्हें तुरंत जमानत मिल गई और उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की, जो आज भी राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है।

सलमान की दलील

सलमान खान का कहना है कि जब मामला अब भी अदालत में चल रहा है, तो उस पर फिल्म कैसे बनाई जा सकती है। उनका मानना है कि इस फिल्म के आने से उनकी कानूनी लड़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और उनकी छवि भी धूमिल होगी। अभिनेता ने अदालत से स्पष्ट रूप से कहा है कि यह फिल्म उनके 'पर्सनैलिटी राइट्स' का उल्लंघन करती है, इसलिए इसके निर्माण और रिलीज पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

निर्माता का तीखा रुख

फिल्म के निर्माता अमित जानी भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वे सलमान खान की ओर से भेजा गया लीगल नोटिस कैमरे के सामने फाड़ते नजर आ रहे हैं। अमित जानी का दावा है कि पोस्टर सामने आने के बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, मगर वे किसी से डरने वाले नहीं हैं।

सलमान पर सीधा निशाना साधते हुए अमित जानी ने कहा कि ये लीगल नोटिस केवल उन्हें डराने और दबाने के मकसद से भेजे जा रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि डराना कुछ लोगों की पुरानी आदत बन चुकी है, लेकिन वे इतनी आसानी से घुटने नहीं टेकेंगे। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली हाईकोर्ट इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और फिल्म रिलीज हो पाती है या नहीं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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