एक ही रात में तय हुईं दो फिल्में, किशोर कुमार की धुन ने रचा इतिहास मनोरंजन एक महीने पहले 28
साठ के दशक में सिर्फ देव आनंद के लिए गाने वाले किशोर कुमार ने एसडी बर्मन की कठिन धुन को बदलकर ऐसा सुरीला गीत बनाया कि वह अमर हो गया और फिल्म हिंदी सिनेमा की मील का पत्थर साबित हुई।

देव आनंद के लिए ही गाते थे किशोर दा

हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायक किशोर कुमार साठ के दशक में मुख्य रूप से सिर्फ देव आनंद के लिए ही पार्श्व गायन किया करते थे। स्वभाव से वे बेहद मूडी इंसान माने जाते थे, लेकिन उनकी प्रतिभा की कद्र हर कोई करता था। मशहूर संगीतकार एसडी बर्मन उन्हें बेहद पसंद करते थे और उनकी गायकी पर भरोसा रखते थे।

जटिल धुन को बदलकर बना दिया अमर गीत

एक बार किशोर दा ने एसडी बर्मन की तैयार की हुई एक जटिल गाने की शैली को ही पलट दिया। उन्होंने इतनी सुरीली धुन तैयार की कि वह गीत हमेशा के लिए अमर हो गया। यह गाना इस कदर लोकप्रिय हुआ कि बाद में इसे सरकारी विज्ञापनों में भी खूब इस्तेमाल किया गया। धीरे-धीरे यह गीत प्रेम और प्यार का प्रतीक बन गया।

फिल्म ने रच दिया इतिहास

इस गीत की कामयाबी के साथ ही फिल्म ने भी इतिहास रच दिया। यह फिल्म हिंदी सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई। खुद किशोर कुमार इसी फिल्म की बदौलत रातोंरात स्टार बन गए।

एक ही रात में तय हुईं दो फिल्में

दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म की कहानी सिर्फ एक रात में अंतिम रूप ले पाई थी। उसी रात एक और फिल्म भी फाइनल हुई थी, यानी एक ही रात में दो फिल्मों की नींव रखी गई।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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