'चाहकर भी फ्लर्ट नहीं कर सकता'— पत्नी के प्रति वफादारी पर आर. माधवन का दिलचस्प खुलासा, 'लव लेटर्स' का राज भी बताया मनोरंजन एक घंटा पहले 2
शादी की 27वीं सालगिरह पर आर. माधवन का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि वे पत्नी सरिता के प्रति वफादार क्यों रहे और लव लेटर्स को उनके साथ बैठकर ही क्यों खोलते थे।

एक्टर आर. माधवन की प्रेम कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही है। हाल ही में उन्होंने पत्नी सरिता के साथ अपनी शादी की 27वीं सालगिरह मनाई, और इसी मौके पर उनका एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर खूब घूम रहा है। इसमें उन्होंने बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में यह बताया कि फिल्म इंडस्ट्री की सुंदर अभिनेत्रियों के साथ काम करते हुए भी उन्होंने कभी पत्नी को धोखा देने के बारे में क्यों नहीं सोचा।

'वफादारी हमारे खून में है'

अपनी सादगी और निजी जिंदगी को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले माधवन ने देसी और चुटीले अंदाज में अपनी वफादारी की वजह बताई। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो वफादार रहना हमारे खून में है। यह हमारे पूरे परिवार की खासियत रही है। हमारे परिवार के लोग जमशेदजी टाटा के प्रति इतने वफादार थे कि हमारे घर में भगवान की मूर्तियों के साथ उनकी तस्वीर पर भी माला चढ़ाई जाती थी। मेरे लिए तो वफादार न रहना बहुत ज्यादा मेहनत का काम होगा।'

खुद को बताया 'डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी'

मुस्कुराते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि असल में वे एक डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी ही हैं। माधवन के मुताबिक, 'ऐसा नहीं है कि मुझे खूबसूरत लड़कियां पसंद नहीं हैं, मैं भी उनकी तरफ आकर्षित होता हूं। लेकिन दिन खत्म होने के बाद मैं रात को किसी नए बहाने के साथ बाहर रुकने के बजाय चुपचाप अपने घर जाकर अपनी पत्नी सरिता के साथ वक्त बिताना ज्यादा पसंद करता हूं।'

फोन और फाइनेंस पत्नी के हाथ में

एक और मजेदार वजह बताते हुए माधवन हंस पड़े। उन्होंने कहा कि उनके सारे पैसे और फाइनेंस उनकी पत्नी ही संभालती हैं। फोन के पासवर्ड से लेकर बैंक अकाउंट तक की पूरी जानकारी हमेशा सरिता के पास रहती है। ऐसे में वे चाहकर भी कुछ छिपा नहीं सकते, इसलिए वे किसी तरह का जोखिम लेना ही नहीं चाहते।

मणिरत्नम की वह सीख

इंटरव्यू में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत को भी याद किया, जब मणिरत्नम की फिल्म 'अलै पायुथे' से उन्होंने कदम रखा और बाद में 'गुरु' जैसी कई बेहतरीन फिल्में कीं। माधवन ने बताया कि शुरुआती दिनों में ही डायरेक्टर मणिरत्नम ने उन्हें प्यार और वैवाहिक जीवन को लेकर एक ऐसी सलाह दी थी, जिसे उन्होंने हमेशा गांठ बांधकर रखा।

मणिरत्नम ने उनसे कहा था कि रिश्तों को बार-बार परखने या टेस्ट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जब कोई रिश्ता अच्छे से चल रहा हो, तो यह हिसाब लगाना छोड़ देना चाहिए कि सामने वाला आपको कितना प्यार करता है या उसकी सीमा क्या है। उसे बस यूं ही बहने देना चाहिए, क्योंकि कई बार जरूरत से ज्यादा जांच-पड़ताल ही अच्छे-भले रिश्ते को बिगाड़ देती है।

शादी छिपाने की सलाह को नकारा

माधवन ने यह भी बताया कि तमिल सिनेमा के बड़े स्टार बनने पर इंडस्ट्री के करीबियों ने उन्हें एक अजीब सलाह दी थी। लोगों का कहना था कि अगर वे महिला प्रशंसकों के बीच अपनी लोकप्रियता बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें अपने शादीशुदा होने की बात दुनिया से छिपानी चाहिए। लेकिन माधवन ने इस सलाह को दरकिनार करते हुए सबसे पहले अपनी शादी की बात सबको बता दी।

'लव लेटर्स सरिता के साथ ही खोलता था'

अपनी शादी को सुरक्षित रखने के लिए माधवन ने एक खास तरीका अपनाया था। उन्होंने कहा, 'लड़कियों से जितने भी लव लेटर्स आते थे, उन्हें मैं सरिता के साथ बैठकर ही खोलता था। यही नहीं, जब भी मैं किसी खूबसूरत विदेशी लोकेशन पर शूटिंग के लिए जाता था, तो सरिता को अपने साथ ले जाने की जिद करता था। ऐसा मैं यह साबित करने के लिए नहीं करता था कि मैं वफादार हूं, बल्कि इसलिए करता था ताकि मैं खुद को किसी टेस्ट में न डालूं।'

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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