इस घर की छत पर हमेशा 'खड़ा' रहता है हेलीकॉप्टर! बोकारो का अनोखा घर वायरल, सेल्फी लेने पहुंच रहे लोग झारखंड एक महीने पहले 42
बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित झरना बस्ती के एक घर की छत पर सीमेंट से बना विशाल हेलीकॉप्टर आकर्षण का केंद्र बन गया है। बचपन के शौक को साकार करने के लिए घर के मालिक जमुना प्रसाद महतो ने 50 हजार रुपये खर्च कर यह आकृति बनवाई, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड की झरना बस्ती इन दिनों एक अनोखी वजह से सुर्खियों में है। यहां एक घर की छत पर बना विशाल हेलीकॉप्टर लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। इस हेलीकॉप्टर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, जिसके चलते दूर-दूर से लोग इस घर को देखने पहुंच रहे हैं और छत के साथ सेल्फी एवं फोटो खिंचवा रहे हैं।

बचपन के शौक ने दिया अनोखे घर को आकार

इस खास पहल के पीछे घर के मालिक जमुना प्रसाद महतो हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर से गहरा लगाव रहा है। इसी दीवानगी को हकीकत में बदलने और अपने घर को बाकी घरों से अलग पहचान दिलाने के मकसद से उन्होंने छत पर हेलीकॉप्टर की आकृति बनवाई।

50 हजार में तैयार हुआ छत का हेलीकॉप्टर

साल 2022 में जब जमुना प्रसाद महतो अपना घर बनवा रहे थे, तभी उन्होंने छत पर हेलीकॉप्टर बनाने का फैसला लिया। इसके निर्माण में करीब 50 हजार रुपये की लागत आई और इसकी लंबाई लगभग 12 फीट है।

सीमेंट से बने इस हेलीकॉप्टर में पंखे और टायर जैसी आकृतियां भी उकेरी गई हैं, जिसकी वजह से यह बिल्कुल असली हेलीकॉप्टर जैसा नजर आता है। शुरुआत में परिवार के लोगों को यह विचार थोड़ा अलग लगा, लेकिन बाद में हर सदस्य ने हर कदम पर उनका साथ दिया और आज यही हेलीकॉप्टर पूरे इलाके की पहचान बन गया है।

सोशल मीडिया पर छाया घर

स्थानीय निवासी रोशन महतो बताते हैं कि पिछले कुछ समय से यह घर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और आसपास के गांवों तथा शहरों से लोग यहां पहुंच रहे हैं। कई लोग हेलीकॉप्टर वाली छत के साथ फोटो और सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि घर भी बेहद सुंदर बनाया गया है। कुल मिलाकर बोकारो के इस घर में किया गया अनूठा प्रयोग आज चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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