87 साल की बुजुर्ग महिला ने मांगी इच्छामृत्यु, पुलिस से बोली- न्याय दो या मौत, जानें किस पर लगाए आरोप छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 2
बिलासपुर में सुशासन तिहार शिविर के दौरान 87 वर्षीय बालकुंवर बसोर ने सिस्टम से निराश होकर इच्छामृत्यु की मांग कर दी। उनका आरोप है कि एक पंच ने उनके बैंक खाते से 23 लाख रुपये और ढाई हेक्टेयर जमीन धोखे से हड़प ली।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में उस समय हलचल मच गई, जब 87 वर्ष की एक बुजुर्ग महिला ने व्यवस्था से हताश होकर इच्छामृत्यु की गुहार लगा दी। बिलगहना की रहने वालीं बालकुंवर बसोर ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। उनकी एक ही मांग है—या तो उन्हें न्याय दिलाया जाए या फिर इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। पीड़िता ने इस बाबत आईजी को भी आवेदन सौंपा है।

अकेलेपन का उठाया गया फायदा

बालकुंवर बसोर ने बताया कि उनके पति और दोनों बेटों का निधन हो चुका है, जिसके बाद से वह अकेली रहने को मजबूर हैं। इसी दौरान बीजेपी समर्थित पंच फागुन प्रसाद प्रजापति उर्फ मोनू ने उनसे हमदर्दी जताई। उसने बैंक में केवाईसी कराने और हर तरह की मदद करने का भरोसा दिलाया था।

23 लाख और ढाई हेक्टेयर जमीन हड़पने का आरोप

पीड़िता का कहना है कि मोनू ने 14 दिसंबर 2021 को उनके भारतीय स्टेट बैंक के खाते से 23 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। महिला का यह भी आरोप है कि उसने ग्राम पंचायत लूफा में स्थित उनकी ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि भी धोखाधड़ी से अपने नाम करा ली।

बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रही हैं, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही। अब उनकी मांग है कि या तो उन्हें इंसाफ दिया जाए या फिर इच्छामृत्यु।

डीएसपी को सौंपा आवेदन

बालकुंवर बसोर गुरुवार को आईजी रामगोपाल गर्ग से मिलने उनके कार्यालय पहुंचीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने डीएसपी विवेक शर्मा को आवेदन देकर अपनी आपबीती सुनाई। आवेदन में उन्होंने इच्छामृत्यु की मांग का भी उल्लेख किया है। डीएसपी ने कहा कि आईजी द्वारा इस मामले की समीक्षा की जाएगी और उसी आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

किसान ने दी आत्मदाह की चेतावनी

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में चलाया गया सुशासन तिहार अभियान अब समाप्त हो चुका है। यह अभियान एक मई से 10 जून तक संचालित किया गया था। इसका आखिरी शिविर तखतपुर के ग्राम घर बोड़सरा में आयोजित हुआ था।

इसी दौरान सकरी तहसील के रहने वाले किसान गौरीशंकर सूर्यवंशी ने अधिकारियों को बताया कि उनकी जमीन के सीमांकन में पिछले 6 महीने से देरी की जा रही है। उनका आरोप है कि काम के बदले संबंधित राजस्व निरीक्षक 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। उन्होंने एसडीएम और कलेक्टर तक से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर अब वह सुशासन तिहार में आवेदन दे रहे हैं। सूर्यवंशी ने चेतावनी दी कि अगर 15 दिनों के भीतर उनकी जमीन का सीमांकन नहीं हुआ, तो वह आत्मदाह कर लेंगे।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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