राजस्थान के स्कूलों में 1 जुलाई से आंखों की जांच का विशेष अभियान, शिक्षकों को सौंपी गई जिम्मेदारी राजस्थान एक घंटा पहले 2
राजस्थान सरकार ने स्कूली बच्चों की दृष्टि सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिसके तहत 1 जुलाई से प्रदेश भर के विद्यालयों में छात्रों की आंखों की जांच की जाएगी।

स्कूली बच्चों की सेहत पर सरकार का जोर

राजस्थान में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल का ऐलान किया है। आगामी 1 जुलाई से प्रदेश भर के सरकारी और उनसे जुड़े विद्यालयों में छात्रों की आंखों की जांच के लिए एक व्यापक अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आंखों की कमजोरी या दृष्टि से जुड़ी अन्य समस्याओं को शुरुआती चरण में ही पकड़ना है ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

शिक्षक करेंगे प्रारंभिक जांच

इस अभियान की कमान शिक्षकों के हाथों में होगी। विद्यालय में कार्यरत शिक्षक ही विद्यार्थियों का प्रारंभिक दृष्टि परीक्षण यानी विजन स्क्रीनिंग करेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे ताकि जांच प्रक्रिया में कोई चूक न हो।

विशेषज्ञों से मिलेगा उपचार

प्रारंभिक जांच के दौरान जिन विद्यार्थियों की आंखों में कोई कमी या समस्या के संकेत मिलेंगे, उन्हें चिन्हित किया जाएगा। ऐसे सभी बच्चों को आगे की विस्तृत और सटीक जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की निगरानी में बच्चों का उचित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा और दैनिक गतिविधियों में पूरी तरह सक्रिय रह सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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