बिहार
एक घंटा पहले
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बिहार के सिवान जिले में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़प और AK-47 से की गई फायरिंग के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तूल पकड़ लिया है। इस बेहद गंभीर मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने वाले पुलिस जवान को निलंबित कर दिया है। निलंबन की यह गाज विशेष जांच दल (SIT) के जवान अभिषेक पटेल पर गिरी है, जिसकी पहचान भीड़ पर गोली चलाने वाले कर्मी के रूप में की गई है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान अभिषेक पटेल ने हिंसक भीड़ पर सीधे AK-47 से गोलियां चलाई थीं, जिससे 3 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल छात्रों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में भड़की हिंसा
यह पूरा विवाद पेपर लीक मामले से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा था। दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में सड़क पर चल रहा छात्रों का यह संग्राम अब थम चुका है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कई जगहों पर यह प्रदर्शन खत्म कर दिया गया है। हालांकि, इसी आंदोलन के दौरान बिहार के सिवान में प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप अख्तियार कर लिया, जिसके बाद वहां बल प्रयोग और गोलीबारी की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई।
पुलिसकर्मियों पर भी हुआ हमला, दर्ज हुईं 3 एफआईआर
सिवान में भड़की इस हिंसा में न केवल प्रदर्शनकारी छात्र घायल हुए, बल्कि कानून व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक:
- इस हिंसक झड़प में सिवान के एसपी पूरण कुमार झा और नगर थाना इंस्पेक्टर अविनाश कुमार सहित कुल 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
- हालात पर काबू पाने और उपद्रवियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने कुल 3 एफआईआर दर्ज की हैं।
- इन एफआईआर में कुल 100 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जबकि 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
- पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में अब तक तकरीबन 25 लोगों को हिरासत में लेकर सिवान के सदर अस्पताल में उनका मेडिकल कराया है, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस की छापेमारी अभी भी लगातार जारी है।
तेजस्वी यादव का सम्राट सरकार को कड़ा अल्टीमेटम
सिवान की इस घटना के बाद बिहार में सियासी पारा भी तेजी से चढ़ गया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूबे की सम्राट सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए एक बड़ा अल्टीमेटम जारी किया है।
उन्होंने कल शाम को कड़े लहजे में बयान जारी करते हुए कहा कि अगर गिरफ्तार किए गए छात्रों और उनके बड़े भाई तेज प्रताप को आज शाम तक रिहा नहीं किया गया, और उनके खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
"हम सरकार के लोगों से कोई गुजारिश या आग्रह नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें सीधे चेतावनी दे रहे हैं। हमारे विधायकों को जबरन उठाया जा रहा है, हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को पकड़ा जा रहा है। मेरे बड़े भाई तेज प्रताप को भी हिरासत में लिया गया। पूरे बिहार के अलग-अलग जिलों में सैकड़ों और हजारों निर्दोष छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई है और वे अभी भी जेलों में बंद हैं। सम्राट चौधरी जी को हमारी यह साफ चेतावनी है कि अगर आज शाम तक सारे केस वापस लेकर उन्हें सम्मानजनक तरीके से रिहा नहीं किया गया, तो हम पूरे बिहार की सड़कों पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे।"
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