"काम नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दीजिए", मंत्री मिथिलेश तिवारी ने CO को फटकारा, 12 घंटे की दी मोहलत बिहार एक महीने पहले 46
गोपालगंज के बैकुंठपुर में सहयोग शिविर के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारी को आवेदनों के निस्तारण पर कड़ी फटकार लगाई और 12 घंटे के भीतर वास्तविक रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम दिया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गोपालगंज: बिहार में जारी सहयोग शिविर के बीच गोपालगंज के बैकुंठपुर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है। इस वायरल वीडियो में राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी एक अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते दिखाई दे रहे हैं। मंत्री ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तो सवाल उठाए ही, साथ ही लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

दरअसल, मंत्री मिथिलेश तिवारी अपने विधानसभा क्षेत्र बैकुंठपुर में लगे सहयोग शिविर में पहुंचे थे। इस आयोजन के दौरान मंच पर गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच बैकुंठपुर के CO शिविर में आए आवेदनों के निस्तारण की जानकारी दे रहे थे।

अधिकारी को लगी कड़ी फटकार

अधिकारी की बात सुनते ही शिक्षा मंत्री नाराज हो उठे और माइक थामते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि जनता के आवेदनों को केवल कागजों पर निपटा हुआ दिखाने का खेल अब और नहीं चलने वाला। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अगर काम करने में असमर्थ हैं तो इस्तीफा देकर चले जाइए, सरकार को ऐसे अधिकारियों की कोई आवश्यकता नहीं है।

मंत्री ने अधिकारी को आगाह करते हुए कहा, "दीपावली के दिन ही लक्ष्मी जी को याद कीजिएगा, उससे पहले याद किया तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। अपने अधीनस्थ सभी लोगों को बता दीजिए कि इस मामले में किसी की पैरवी नहीं चलेगी।"

दोबारा लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

इतना ही नहीं, मंत्री ने जिलाधिकारी की ओर संकेत करते हुए कहा कि यदि रिपोर्ट दर्ज कर दी गई तो कार्रवाई होना तय है। उन्होंने बताया कि पिछली बार भी संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की जा रही थी, मगर उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप कर मामले को शांत करा दिया था। लेकिन अब दोबारा लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि सहयोग शिविर में जितने आवेदन प्राप्त हुए, क्या उनका सचमुच में निस्तारण हुआ भी है या नहीं। उन्होंने चेताया कि अगर सिर्फ कागजों पर निपटारा दिखाकर सरकार को झूठी रिपोर्ट भेजी जा रही है तो इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारी को 12 घंटे के अंदर सभी लंबित आवेदनों के निष्पादन और वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया। मंत्री की इस तीखी चेतावनी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासनिक हलकों में भी इसकी खूब चर्चा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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