बिहार में जनता दरबार जैसी पहल: सम्राट चौधरी का सहयोग शिविर 14 जुलाई से होगा शुरू बिहार एक महीने पहले 71
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के निवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सहयोग शिविर की शुरुआत कर रहे हैं, जिसकी पहली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

14 जुलाई से शुरू होगी सुनवाई

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। इस योजना का नाम 'सहयोग शिविर' रखा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आगाज 14 जुलाई 2026 को होगा। इस दिन मुख्यमंत्री सचिवालय में बने संवाद सभागार में विभिन्न जिलों से आए नागरिकों की चुनिंदा शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जानकारी साझा की है।

नागरिकों को मिलेगी अपनी बात रखने की बड़ी सुविधा

'सहयोग' कार्यक्रम बिहार सरकार की एक प्रमुख जन-केंद्रित कवायद है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उन नागरिकों की मदद करना है जो जिला स्तर पर की गई शिकायतों के समाधान से संतुष्ट नहीं हैं। अब ऐसे लोग राज्य स्तर पर अपनी फरियाद मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकेंगे। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक 'सहयोग' पोर्टल बनाया गया है। पोर्टल पर प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों की जांच निर्धारित मानदंडों के आधार पर की जाएगी। निष्पक्ष समीक्षा के बाद ही जिन मामलों का चयन होगा, उनकी सुनवाई मुख्यमंत्री सचिवालय में सुनिश्चित की जाएगी ताकि लोगों को समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके।

हर महीने के दूसरे मंगलवार का है कार्यक्रम

सरकार की ओर से तय की गई रूपरेखा के अनुसार, यह कार्यक्रम हर महीने के दूसरे मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में चयनित मामलों पर सुनवाई होगी। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि जो शिकायतें जिला स्तर पर या तो लंबित पड़ी हैं या जिनका निपटारा संतोषजनक नहीं रहा, उनकी गंभीरता से समीक्षा की जा सके। इसका लक्ष्य हर शिकायत का प्रभावी समाधान निकालना है।

प्रशासन और जनता के बीच बढ़ेगा सीधा संवाद

बिहार सरकार का स्पष्ट मानना है कि हर नागरिक की बात को पूरी गंभीरता से सुनना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस पहल के जरिए सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे शासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। यह कदम राज्य में सुशासन को और अधिक मजबूत करने तथा आम लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बहाल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। सरकार का यह प्रयास प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने पर केंद्रित है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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