मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी पड़ताल और तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने जहां इलाज से जुड़े डॉक्टरों के बयान दर्ज किए हैं, वहीं मामले की अहम कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। उधर मध्य प्रदेश महिला आयोग की टीम ने भोपाल जेल में बंद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह से मुलाकात की।
डॉक्टरों से पूछताछ, सौंपे गए अहम पर्चे
सीबीआई ने ट्विशा का इलाज करने वाले मनोरोग चिकित्सकों से विस्तार से पूछताछ की है। इस दौरान चिकित्सकों ने कुछ पर्चे जांच टीम को सौंपे हैं, जिनसे पूरे घटनाक्रम की कड़ियां समझ में आ सकती हैं। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि काउंसलिंग के दौरान आखिर क्या-क्या बातचीत हुई थी, क्योंकि यही जानकारी इस केस में निर्णायक साबित हो सकती है।
एएसआई दिनेश शर्मा पर कार्रवाई के आसार
सूत्रों के अनुसार लिगेचर यानी फांसी लगाने वाले फंदे को छिपाने वाले थानेदार एएसआई दिनेश शर्मा पर भी शिकंजा कस सकता है। फिलहाल दिनेश शर्मा बीमारी संबंधी समस्या का हवाला देकर छुट्टी पर चले गए हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चैट को रिस्टोर करने की प्रक्रिया भी जारी है।
जेल में 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ रहीं गिरिबाला
भोपाल सेंट्रल जेल में बंद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह से महिला आयोग की टीम मिली। इस दौरान आयोग की टीम ने जेल का निरीक्षण भी किया और आरोपी गिरिबाला से बातचीत की। बताया जा रहा है कि गिरिबाला ने जेल की व्यवस्थाओं को लेकर किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की। मुलाकात के समय वह देवदत्त पटनायक की किताब 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ती हुई नजर आईं।
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन
इससे पहले सामने आया था कि ट्विशा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीबीआई को मिल चुकी है और एजेंसी उसका गहराई से अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि सीबीआई दोबारा गिरिबाला और समर्थ सिंह से पूछताछ कर सकती है। जांच टीम ट्विशा के मोबाइल और लैपटॉप से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटी है, साथ ही अन्य गैजेट्स को भी खंगाला जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि पीड़िता के परिवार ने हत्या का आरोप लगाया। बाद में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया। शुरुआत में भोपाल एम्स में ट्विशा का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन परिजनों ने इसे मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनका दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया और फिर पूरा केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।
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