मध्य प्रदेश
2 महीने पहले
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रहस्यमयी मौत मामले में नया मोड़, डिजिटल सबूतों पर टिकी नजरें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मशहूर मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुकी है। इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI लगातार प्रयास कर रही है। इसी सिलसिले में भोपाल की जिला अदालत में शुक्रवार को एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी समर्थ सिंह के लैपटॉप के पासवर्ड और उसके आवाज के नमूने (वॉइस सैंपल) को हासिल करने की याचिका पर दोनों पक्षों के बीच काफी चर्चा हुई। अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है और अब इस पर 6 जुलाई को फैसला सुनाया जाएगा।
सीबीआई की मांग और बचाव पक्ष की शर्तें
जांच एजेंसी CBI ने बीते मंगलवार को अदालत के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया था। इस आवेदन में CBI ने मांग की थी कि जांच को आगे बढ़ाने और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के लिए आरोपी समर्थ सिंह के लैपटॉप का पासवर्ड और उसका वॉइस सैंपल बेहद जरूरी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह के वकील ने लैपटॉप का पासवर्ड CBI को सौंपने पर अपनी रजामंदी दे दी।
हालांकि, वॉइस सैंपल देने के मामले में आरोपी पक्ष के वकील ने कोर्ट के सामने एक विशेष शर्त रखी है। बचाव पक्ष का कहना है कि आरोपी के वॉइस सैंपल की एक प्रति पूरी तरह सुरक्षित रूप से सीधे अदालत में भी जमा करवाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गुंजाइश न रहे। अदालत ने CBI की मांग और आरोपी पक्ष की इस शर्त पर विचार करते हुए अपना फैसला 6 जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े रहे।
ट्विशा शर्मा केस में अब तक का पूरा घटनाक्रम
इस पूरे मामले की शुरुआत इसी साल मई के महीने में हुई थी। इस केस से जुड़ी प्रमुख तारीखें और घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
- 12 मई: मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा का शव उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ पाया गया था।
- 14 मई: मृतका के परिजनों द्वारा किए गए भारी विरोध प्रदर्शन और दबाव के बाद पुलिस ने सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा शव परीक्षण कराने के सख्त आदेश जारी किए।
- 22 मई: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इस केस की जांच CBI को सौंपने के लिए केंद्र सरकार को एक आधिकारिक पत्र लिखा। इसी दिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया।
- 28 मई: जांच की कमान संभालने के बाद CBI ने इस मामले की सह-आरोपी और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
- 30 जून: अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि को आगामी 14 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया।
सीबीआई जांच की वर्तमान स्थिति
वर्तमान समय में इस मामले के दोनों मुख्य आरोपी जेल में बंद हैं और न्यायिक हिरासत का सामना कर रहे हैं। CBI इस मामले की तह तक जाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा अब तक घटना स्थल पर जाकर घटना का पुनर्निर्माण भी किया जा चुका है। इसके साथ ही, AIIMS दिल्ली की एक विशेष विशेषज्ञ टीम से ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है। अब सभी की निगाहें 6 जुलाई को आने वाले अदालती फैसले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि आरोपी के लैपटॉप का पासवर्ड मिलने से जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज और सबूत मिल सकते हैं, जो इस मामले को सुलझाने में बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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