मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को 30 जून तक न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल रिमांड) पर भेज दिया गया है। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने पर दोनों को कोर्ट के सामने पेश किया गया। इस दौरान सास गिरिबाला ने अदालत के समक्ष अपनी कई परेशानियां रखीं और कहा कि अखबार से उनके केस से जुड़ी खबरें काटने के बाद ही उन्हें पढ़ने के लिए दिया जाता है।
कोर्ट ने 30 जून तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत
भोपाल की एक जिला अदालत ने रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी। 14 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद मां-बेटे की इस जोड़ी को भोपाल सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद अदालत ने आदेश दिया कि दोनों आरोपी अगले दो हफ्ते तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के वकील अदालत में मौजूद रहे। सुनवाई में ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा भी शामिल हुए। इसी दौरान आरोपी गिरिबाला ने कोर्ट के समक्ष अपनी कई दिक्कतें भी रखीं।
गिरिबाला सिंह ने रखी पूरा अखबार पढ़ने की मांग
गिरिबाला सिंह ने अदालत को बताया कि उन्हें अंग्रेजी और हिंदी के अखबार पढ़ने को तो मिल रहे हैं, लेकिन उनके केस से जुड़ी खबरें काट दी जाती हैं। उन्होंने मांग की कि उन्हें पूरा अखबार पढ़ने के लिए दिया जाए।
इसके अलावा उन्होंने वकीलों से मुलाकात का समय बढ़ाने की भी गुजारिश की। उनकी ओर से कहा गया कि केस को समझने के लिए 20 मिनट का समय कम पड़ता है और उन्हें अपने बेटे समर्थ के साथ वकीलों से मिलने दिया जाए।
संदिग्ध हालात में हुई थी ट्विशा की मौत
ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका पहला पोस्टमार्टम भोपाल के एम्स में कराया गया था, जिसे परिजनों ने मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। परिवार ने उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
दोबारा पोस्टमार्टम के बाद सीबीआई को सौंपा गया केस
दूसरी बार पोस्टमार्टम होने के बाद परिवार अंतिम संस्कार करके नोएडा लौट आया था। बाद में यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर हो गया और फिर सास गिरिबाला सिंह तथा समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने गिरिबाला के घर जाकर क्राइम सीन को रिक्रिएट भी किया, जिसमें वजनदार डमी का इस्तेमाल किया गया।
ट्विशा के परिवार की ओर से पक्ष रख रहे वकील अंकुर पांडे के अनुसार, सीबीआई अधिकारी ग्रेटर नोएडा गए और परिवार के सदस्यों समेत मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। फिलहाल सीबीआई फोरेंसिक सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है।
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