मध्य प्रदेश
एक दिन पहले
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मध्य प्रदेश में बाल विवाह की समस्या अब सिर्फ लड़कियों तक सीमित नहीं रह गई है। हाल ही में जारी हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) के आंकड़ों ने एक नई और चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में कम उम्र में विवाह करने वाले लड़कों की संख्या अब लड़कियों से भी ज्यादा हो चुकी है।
आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में हर 100 में से 25 लड़कों की शादी 21 साल की कानूनी उम्र पूरी होने से पहले ही हो जाती है। वहीं 20 प्रतिशत लड़कियों का विवाह 18 साल की उम्र से पहले हो रहा है। लड़कों के बाल विवाह का यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत 15.9 प्रतिशत से कहीं अधिक है। बीते कुछ वर्षों में हालात में थोड़ा सुधार जरूर आया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या आज भी गंभीर बनी हुई है।
शिक्षा और बाल विवाह का सीधा संबंध
रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि पढ़ाई और कम उम्र में होने वाले विवाह के बीच गहरा रिश्ता है। प्रदेश में केवल 33.7 प्रतिशत महिलाएं ही 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी कर पाती हैं, जबकि 20 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 साल से पहले हो जाती है।
गांवों में स्थिति और भी खराब है। यहां 23.4 प्रतिशत लड़कियों का बाल विवाह हो रहा है और सिर्फ 26 प्रतिशत लड़कियां ही 10वीं तक की पढ़ाई पूरी कर पाती हैं।
21 वर्ष से पहले विवाह के दबाव में लड़के
लड़कों की हालत भी बहुत अलग नहीं है। प्रदेश में 25 प्रतिशत लड़कों की शादी 21 वर्ष की उम्र से पहले ही करा दी जाती है, जबकि 10 साल या उससे अधिक पढ़ाई करने वाले लड़कों का प्रतिशत महज 42 है। कई परिवारों में पढ़ाई छूटते ही शादी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे युवाओं के सपने अधूरे रह जाते हैं।
महिलाओं के मामले में कुछ सुधार
महिलाओं को लेकर मध्य प्रदेश ने बीते चार सालों में कुछ प्रगति जरूर दर्ज की है। पहले जहां 23.1 प्रतिशत लड़कियों का विवाह 18 साल से पहले हो जाता था, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर 20 प्रतिशत रह गया है। यह राष्ट्रीय औसत 20.1 प्रतिशत से थोड़ा बेहतर है। इसके बावजूद हर पांच में से एक लड़की का कम उम्र में विवाह होना चिंता का विषय बना हुआ है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कितना फर्क
गांव और शहर के बीच इस मामले में बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। ग्रामीण इलाकों में 28 प्रतिशत पुरुषों और 23.4 प्रतिशत महिलाओं की शादी कानूनी उम्र से पहले हो जाती है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा पुरुषों के लिए 16.2 प्रतिशत और महिलाओं के लिए सिर्फ 9 प्रतिशत है।
जागरूकता और शिक्षा बेहद जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए शिक्षा को बढ़ावा देना और लोगों के बीच जागरूकता फैलाना बेहद आवश्यक है। बाल विवाह कानूनन अपराध है। अगर कहीं इसकी जानकारी मिले तो चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या महिला हेल्पलाइन 181 पर सूचना दी जा सकती है।
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