MP में मौसम का मिजाज: मानसून की वापसी से इन जिलों में आफत, IMD ने भारी बारिश और तूफान का जारी किया अलर्ट मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है, जिससे 9 अगस्त 2026 को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मध्य प्रदेश में मानसून का फिर से जोर

मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है और आने वाले दिनों में यह स्थिति और अधिक प्रबल होने की संभावना है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आसमान में बिजली गरजने के प्रबल संकेत मिल रहे हैं। विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में मौसम की गतिविधियां अधिक तीव्र देखी जा सकती हैं।

किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। आगामी 24 घंटों के दौरान भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव और निचली बस्तियों में पानी भरने की स्थिति को लेकर सावधान रहने के लिए कहा है। इन इलाकों में हवा की गति भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे तेज आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है।

पूरे प्रदेश के लिए येलो अलर्ट

भारी बारिश वाले जिलों के अलावा, मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर बना रहेगा। डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर और पांढुर्णा जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार, इंदौर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन और विदिशा के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने पूरे मध्य प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतनी होगी।

प्रमुख शहरों का हाल

राजधानी भोपाल में रविवार, 9 अगस्त को आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। शहर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट रहेगी और लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इंदौर के मौसम की बात करें तो वहां भी बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बारिश के साथ रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना है। वहां धूप और छांव का खेल जारी रह सकता है, जिससे तापमान सामान्य बना रहेगा।

तापमान में राहत और खेती पर प्रभाव

लगातार हो रही बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण प्रदेश का तापमान काफी हद तक नियंत्रित है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक तापमान चित्रकूट (सतना) और सीधी में 32.6°C दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान खंडवा और खरगोन में 19.4°C रिकॉर्ड किया गया। अगस्त माह की यह बारिश कृषि के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। खरीफ की फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, हालांकि जिन क्षेत्रों में बहुत अधिक वर्षा हो रही है, वहां खेतों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

किसानों और आमजन के लिए सलाह

विशेषज्ञों और विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जब तेज बारिश हो या आंधी-तूफान की स्थिति हो, तो वे खुले खेतों में जाने से बचें। बिजली गिरने की आशंका के चलते पेड़ों के नीचे आश्रय लेना भी असुरक्षित हो सकता है। आमजन से भी अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहें और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। मौसम विभाग की ओर से जारी इन सावधानियों का पालन करके संभावित खतरों से बचा जा सकता है। आने वाले समय में बारिश की यह स्थिति राज्य के कई संभागों में यथावत बनी रहने की संभावना है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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