भोपाल डबल मर्डर केस: शराब दुकान के सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, ऑनलाइन पेमेंट से पकड़े गए हत्यारे मध्य प्रदेश एक महीने पहले 64
भोपाल में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए 12 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एक शराब दुकान पर किए गए ऑनलाइन डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए पुलिस संदिग्ध तक पहुंच गई है।

भोपाल दोहरे हत्याकांड में एसआईटी की दबिश

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की जांच अब और तेज कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी का गठन किया है। इस टीम की कमान एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल को सौंपी गई है। टीम में दो एसीपी रैंक के अधिकारियों समेत कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं, जो मामले की हर बारीक कड़ी को जोड़ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

यह दिल दहला देने वाली घटना 27 जून की है। सुदामा नगर की आंबेडकर कॉलोनी में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति, हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन, की उनके ही घर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल सुदामा नगर बल्कि पूरे भोपाल शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद जांच शुरू की थी। शुरुआत में जांच का दायरा प्रॉपर्टी विवाद और अवैध संबंधों जैसे पहलुओं पर टिका था। इस दौरान पुलिस ने 20 से अधिक संदिग्ध लोगों से लंबी पूछताछ भी की, लेकिन तब तक कोई ठोस नतीजा हाथ नहीं लगा था।

सीसीटीवी से मिले पुख्ता सबूत

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए, जिन्होंने रेनकोट पहन रखे थे और हाथों में दस्ताने पहने हुए थे। अपराधियों के इस हुलिए से साफ जाहिर हो रहा था कि वे पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनका उद्देश्य वारदात को अंजाम देकर सुरक्षित निकलना था। इस फुटेज ने पुलिस के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि यह कोई सामान्य लूट या आपसी रंजिश नहीं, बल्कि किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है।

ऑनलाइन भुगतान से हुआ खुलासा

पुलिस की जांच को उस समय एक बड़ी सफलता मिली जब उन्होंने घटनास्थल के समीप स्थित एक शराब दुकान का सीसीटीवी फुटेज चेक किया। वहां एक संदिग्ध युवक शराब खरीदते हुए कैमरे में कैद हुआ था। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उस युवक ने शराब के लिए ऑनलाइन पेमेंट किया। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी ने पुलिस के लिए रास्ता आसान कर दिया। ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को संदिग्ध की पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग और साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

प्रोफेशनल शूटर की आशंका

पुलिस को अब इस बात का प्रबल संदेह है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे किसी प्रोफेशनल शूटर का हाथ हो सकता है। हत्या का तरीका और घटनास्थल पर अपराधियों की सतर्कता को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी वारदात को बेहद सटीक ढंग से अंजाम दिया गया था। फिलहाल, एसआईटी के अधिकारी डिजिटल ट्रांजेक्शन के आंकड़ों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों का मिलान कर रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी और इस हत्याकांड के पीछे के असली मकसद का खुलासा हो पाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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