भोपाल में कांग्रेस की अहम बैठक से दूरी बना गए दिग्गज, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की गैरमौजूदगी पर सियासी गलियारों में चर्चा मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार जैसे नेता तो पहुंचे, लेकिन दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के नदारद रहने से अटकलें तेज हो गई हैं।

भोपाल में कांग्रेस की मैराथन बैठक

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हाल ही में कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम मानी जा रही थी, जो लगभग 5 घंटे तक चली। इस उच्च-स्तरीय मंथन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, राज्यसभा सांसद विवेक तंखा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी समय में राज्य सरकार को युवाओं, किसानों और महिला सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर घेरने की ठोस रणनीति तैयार करना था।

दिग्गज नेताओं की अनुपस्थिति पर उठे सवाल

इस बैठक में कांग्रेस के दो बड़े चेहरों की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ इस बैठक में नहीं पहुंचे। दिग्विजय सिंह जो लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभाल चुके हैं और कमलनाथ का अनुभव कांग्रेस के लिए सदैव महत्वपूर्ण रहा है। इन दोनों दिग्गज नेताओं का बैठक से दूर रहना सियासी गलियारों में कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया गया है कि दोनों वरिष्ठ नेता स्वास्थ्य कारणों के चलते इस बैठक में सम्मिलित नहीं हो सके।

चुनावी नतीजों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा

बैठक के समापन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सबसे पहले दतिया उपचुनाव में पार्टी को मिले समर्थन के लिए वहां के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दतिया की जनता ने कांग्रेस पर जो भरोसा जताया है, वह सराहनीय है। इसके अलावा बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और जनता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें मुख्य रूप से युवाओं की समस्याएं, किसानों के मुद्दे और महिलाओं से जुड़ी चुनौतियां शामिल रहीं।

ओबीसी आरक्षण को लेकर आंदोलन की तैयारी

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बैठक में सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस युवाओं के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यदि युवा अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करते हैं, तो पार्टी पूरी मजबूती से उनका समर्थन करेगी। उमंग सिंघार ने राज्य में 22 साल से काबिज भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि ओबीसी समुदाय को उनका 27 प्रतिशत आरक्षण का हक अब तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इस अधिकार को दिलाने के लिए राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।

सरकार को घेरने का खाका

कुल मिलाकर इस 5 घंटे लंबी बैठक में कांग्रेस ने अपनी आगामी राजनीतिक दिशा तय करने की कोशिश की है। भले ही दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति ने सबको चौंकाया हो, लेकिन पार्टी ने सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने और जनता के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने का निर्णय लिया है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व अब उन सभी विषयों को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है, जिन्हें बैठक में प्रमुखता से उठाया गया था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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