बिहार में रिकॉर्ड गर्मी से बिजली विभाग सतर्क, ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के लिए विशेष मुहिम बिहार 59 मिनट पहले 2
बिहार के भोजपुर समेत पूरे राज्य में 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान ने बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दी है। बढ़ते लोड से ट्रांसफार्मरों को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए बिजली विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है।

बिहार के भोजपुर जिले समेत समूचे राज्य में पड़ रही प्रचंड गर्मी अब सिर्फ आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी बिजली व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है। तापमान लगातार 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ऐसे हालात में घरों में एसी, कूलर, फ्रिज और पंखों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर तक जा पहुंची है।

इस बढ़ते बिजली लोड की सबसे ज्यादा मार ट्रांसफार्मरों पर पड़ रही है। कई इलाकों में ट्रांसफार्मरों का तापमान सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ऊंचा दर्ज किया जा रहा है। यदि समय रहते इनकी निगरानी न की जाए तो ओवरहीटिंग के चलते तकनीकी खराबी या ट्रांसफार्मर के जलने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसी आशंका को देखते हुए बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है।

ट्रांसफार्मरों को ‘हीट स्ट्रोक’ से बचाने की कोशिश

जिस तरह तेज गर्मी में लोगों को लू लगने का खतरा बना रहता है, ठीक उसी तरह अत्यधिक तापमान और बढ़े हुए लोड का असर ट्रांसफार्मरों पर भी पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच में जुटे हैं। कई जगहों पर ट्रांसफार्मरों के बाहरी हिस्सों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि उनका तापमान काबू में रखा जा सके। इसके साथ ही ट्रांसफार्मरों में तेल के स्तर, वायरिंग और बिजली लोड की भी निरंतर निगरानी की जा रही है।

दिन-रात ड्यूटी पर डटे हैं बिजलीकर्मी

बिजली विभाग के मुताबिक उसके कर्मचारी सड़कों, गलियों और गांवों में लगे ट्रांसफार्मरों की निगरानी में लगातार जुटे हुए हैं। कई बार उन्हें 44 से 45 डिग्री तापमान में भी पोल पर चढ़कर या ट्रांसफार्मर के पास खड़े होकर तकनीकी जांच करनी पड़ती है। विभाग का कहना है कि किसी भी संभावित गड़बड़ी की सूचना मिलते ही टीम फौरन मौके पर पहुंच रही है, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो।

चरम पर पहुंची बिजली की मांग

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली खपत का स्वरूप तेजी से बदला है। पहले जहां एसी और कूलर का इस्तेमाल मुख्य रूप से शहरों तक ही सीमित था, वहीं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। भोजपुर जिले में भी इस बार गर्मी के साथ बिजली खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यही वजह है कि ट्रांसफार्मरों और फीडरों पर अतिरिक्त दबाव साफ देखा जा सकता है।

उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

बिजली विभाग ने आम उपभोक्ताओं से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत न होने पर बिजली उपकरणों को बंद रखें, खराब या पुरानी वायरिंग वाले उपकरणों का इस्तेमाल न करें और एक साथ अधिक बिजली खपत वाले उपकरण चलाने से बचें। ऐसा करने से न सिर्फ बिजली बिल घटेगा, बल्कि पूरी बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाला बोझ भी कम होगा।

बिजली कर्मियों की लगातार मेहनत

विभाग का दावा है कि इस भीषण गर्मी के दौर में लोग जो निर्बाध बिजली आपूर्ति की राहत महसूस कर रहे हैं, उसके पीछे बिजली कर्मियों की लगातार मेहनत छिपी है। तपती सड़कों, गर्म हवाओं और ऊंचे तापमान के बीच ये कर्मचारी ट्रांसफार्मरों की निगरानी में जुटे हैं। कहा जा सकता है कि इस बार गर्मी से जंग सिर्फ आम लोगों की नहीं, बल्कि ट्रांसफार्मरों और उन्हें सुरक्षित रखने में लगे बिजली कर्मियों की भी है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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