आरा सदर अस्पताल में तीन साल बाद फिर शुरू हुआ ICU वार्ड, अब गंभीर मरीजों को पटना जाने की नहीं पड़ेगी मजबूरी बिहार एक महीने पहले 44
भोजपुर जिले के आरा सदर अस्पताल में लंबे इंतजार के बाद 10 बेड का आधुनिक आईसीयू वार्ड शुरू कर दिया गया है, जिससे गंभीर मरीजों को अब बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर नहीं किया जाएगा।

भोजपुर वासियों के लिए स्वास्थ्य सेवा में बड़ा सुधार

भोजपुर जिले के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद आरा सदर अस्पताल में एक बार फिर आईसीयू यानी गहन चिकित्सा इकाई वार्ड का संचालन शुरू होने जा रहा है। इस सुविधा के बहाल होने से अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल पटना रेफर करने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। सदर अस्पताल में अब 10 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू सेटअप तैयार किया गया है, जहां मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

आईसीयू की आधुनिक सुविधाएं और क्षमता

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस नए आईसीयू वार्ड को पूरी तरह से आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके। अस्पताल के प्रबंधक शशिकांत कुमार ने जानकारी दी कि कुल 10 बेड वाले इस वार्ड में विशेष तकनीकी व्यवस्था की गई है। इस वार्ड की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • 6 वेंटिलेटर बेड: जो गंभीर सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होंगे।
  • 4 एचडीयू बेड: यानी हाई डिपेंडेंसी यूनिट, जो उन मरीजों के लिए हैं जिन्हें निरंतर मॉनिटरिंग और विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।
  • मल्टीपैरामीटर मॉनिटर और ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम।
  • मरीजों की 24 घंटे निगरानी के लिए आधुनिक उपकरण।

क्यों बंद था आईसीयू और अब क्या बदला है

गौरतलब है कि लगभग तीन साल पहले भी सदर अस्पताल में वेंटिलेटर युक्त आईसीयू का निर्माण किया गया था, लेकिन तकनीकी संसाधनों की कमी और प्रशिक्षित स्टाफ की अनुपलब्धता के कारण इसे कभी चालू नहीं किया जा सका था। मरीजों को उस समय भी केवल प्राथमिक इलाज के बाद पटना ही जाना पड़ता था। हालांकि, अब सरकार के कड़े निर्देशों और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के बाद मानव संसाधन और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की कमी को पूरी तरह से दूर कर लिया गया है। प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है, जिससे वार्ड का संचालन अब निर्बाध रूप से हो पाएगा।

गंभीर मरीजों के इलाज में आएगी तेजी

इस सुविधा के शुरू होने का सीधा लाभ उन मरीजों को होगा जो सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या गंभीर संक्रमण जैसी आपात स्थितियों में अस्पताल पहुंचते हैं। पहले जब किसी मरीज को गंभीर हालत में पटना भेजा जाता था, तो एंबुलेंस के सफर में ही काफी समय बर्बाद हो जाता था, जिससे कई बार रास्ते में मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ने का जोखिम बना रहता था। अब आरा सदर अस्पताल में ही आईसीयू की सुविधा उपलब्ध होने से इलाज शुरू करने में जो समय पहले नष्ट होता था, उसकी बचत होगी और मरीजों की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

प्रशासन की योजना और भविष्य की रणनीति

अस्पताल प्रबंधक शशिकांत कुमार ने इसे भोजपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि आईसीयू का संचालन बिना किसी बाधा के लगातार चलता रहे। इसके लिए 24 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी रोस्टर तैयार किया गया है, जिसमें डॉक्टर, विशेषज्ञ नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है। आने वाले समय में आरा सदर अस्पताल अब गंभीर बीमारियों के उपचार का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। जिले के लोगों को अब हर छोटी-बड़ी गंभीर स्थिति के लिए पटना जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, जिससे उनके समय और आर्थिक संसाधनों की भी बचत होगी। यह नई शुरुआत भोजपुर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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