भिवानी मनीषा हत्याकांड: 10 महीने बाद भी सीबीआई की जांच बेनतीजा, पिता ने आमरण अनशन का किया ऐलान हरियाणा एक महीने पहले 51
भिवानी के बहुचर्चित शिक्षक मनीषा हत्याकांड में कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज पिता ने 29 जून से आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि प्रशासन की अनुमति मिले या न मिले, वे अपने संघर्ष पर अडिग रहेंगे।

न्याय की मांग में पिता का बड़ा कदम

हरियाणा के भिवानी जिले में शिक्षक मनीषा हत्याकांड के करीब 10 महीने बीत जाने के बाद भी जांच में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट मनीषा के पिता संजय कुमार ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने 29 जून से जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की है।

डीसी कार्यालय पहुंचे पिता

बुधवार को संजय कुमार अपने अनशन के लिए प्रशासन से अनुमति लेने के उद्देश्य से डीसी कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, डीसी के कार्यालय में मौजूद न होने के कारण उन्होंने अपना प्रार्थना पत्र उनके निजी सचिव को सौंप दिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए पिता ने कड़े शब्दों में कहा कि उन्हें प्रशासन की अनुमति मिले या न मिले, वे हर हाल में अपना अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी के साथ का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई अकेले लड़ने को तैयार हैं।

क्या है पूरा मामला

ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली 19 वर्षीय मनीषा 11 अगस्त को लापता हो गई थी। इसके दो दिन बाद 13 अगस्त को उसका शव खेतों में बरामद हुआ था। परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि स्थानीय थाने के कर्मचारियों को निलंबित करना पड़ा और एसपी का भी तबादला कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी, जिसके बाद 21 अगस्त को परिवार ने अंतिम संस्कार किया था।

जांच पर उठ रहे सवाल

सीबीआई ने अब तक मामले में कई बार पूछताछ की है, लेकिन 10 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही जांच का कोई खुलासा सामने आया है। संजय कुमार का कहना है कि हर कोई जानता है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है, लेकिन जांच एजेंसियों और सरकार द्वारा कोई जानकारी साझा न करना उनके सब्र का बांध तोड़ रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस अनशन को लेकर क्या रुख अपनाता है और क्या पिता को न्याय की आस में बैठने की अनुमति मिल पाती है या नहीं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप