Bhanu Saptami 2026: इस दिन मनेगी भानु सप्तमी, सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए जानें सही तिथि और पूजन विधि धर्म 3 महीने पहले 57
ज्येष्ठ अधिकमास की सप्तमी तिथि 7 जून दिन रविवार को पड़ने से इस बार भानु सप्तमी का दुर्लभ योग बन रहा है। सूर्य उपासना के लिए अत्यंत शुभ माने गए इस पर्व की तिथि, महत्व और पूजा विधि आचार्य से जानें।

हिंदू धर्म में प्रत्येक तिथि और वार का अपना विशेष महत्व बताया गया है। इसी क्रम में भानु सप्तमी को बेहद शुभ और फलदायी पर्व माना जाता है। यह दिन पूरी तरह सूर्यदेव की आराधना को समर्पित होता है, जिन्हें ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन का मूल आधार माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ सूर्य उपासना करने वाले व्यक्ति को मान-सम्मान, सफलता तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही पितरों की कृपा भी मिलती है, जिससे जीवन की अनेक बाधाएं दूर होने लगती हैं।

जब सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। इस अवसर पर सूर्योदय के समय अर्घ्य देना, मंत्र जाप करना और दान-पुण्य करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

कब है भानु सप्तमी?

वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास की पावन सप्तमी तिथि 7 जून 2026 दिन रविवार को पड़ रही है। रविवार और सप्तमी का यह दुर्लभ संयोग भानु सप्तमी के रूप में मनाया जाएगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार धार्मिक मान्यताओं में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह सूर्यदेव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि भानु सप्तमी पर विधि-विधान से सूर्य उपासना करने से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

भानु सप्तमी का महत्व

मान्यताओं के अनुसार भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सूर्यदेव को आत्मा, स्वास्थ्य, नेतृत्व, सम्मान और सफलता का कारक माना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दिन की गई सूर्य पूजा और दान-पुण्य का फल सूर्यग्रहण के समय किए गए दान के समान होता है। यही कारण है कि अनेक श्रद्धालु इस दिन विशेष व्रत रखते हैं और सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित करते हैं।

भानु सप्तमी पर ऐसे करें पूजा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भानु सप्तमी का दिन सूर्य उपासना के लिए अत्यंत शुभ है। माना जाता है कि इसी पावन तिथि पर सूर्यदेव अपने दिव्य रथ पर प्रकट हुए थे। इस अवसर पर तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें लाल पुष्प और लाल चंदन डालें और श्रद्धापूर्वक सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से सूर्य ग्रह की कृपा प्राप्त होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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