बिहार के शिक्षा जगत में बड़ा बदलाव, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 551 मॉडल स्कूलों का किया उद्घाटन बिहार एक महीने पहले 47
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से राज्य को 551 नए आधुनिक मॉडल स्कूलों की सौगात दी है और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना का एलान किया है।

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने की कवायद

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बेगूसराय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य को 551 आधुनिक मॉडल स्कूलों की सौगात दी है। यह आयोजन बेगूसराय के आईओसीएल स्टेडियम में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सरकार का यह प्रयास बिहार के सरकारी स्कूलों को एक नई पहचान और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय माना जा रहा है।

दिनकर विश्वविद्यालय की सौगात

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पावन जन्मभूमि बेगूसराय में उनके नाम पर एक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि दिनकर जी ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है, इसलिए उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए यह विश्वविद्यालय एक बड़ी भूमिका निभाएगा। यह संस्थान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बिहार के युवाओं को न केवल बेहतर शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि यह राज्य की गौरवशाली विरासत को भी प्रदर्शित करेगा।

सरकारी स्कूलों पर जनता का भरोसा बहाल करना लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल खोलना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे राज्य में ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना चाहते हैं कि आम जनता के साथ-साथ राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने में गर्व महसूस करें। सरकार एक ऐसा वातावरण तैयार करने की योजना बना रही है जहां सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता निजी संस्थानों से बेहतर या कम से कम उनके समकक्ष हो सके।

हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज और व्यावसायिक शिक्षा पर जोर

सरकार की योजनाओं को विस्तार देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले समय में राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। उन्होंने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए गांव के स्तर पर ही व्यावसायिक शिक्षा की व्यवस्था करने का भी वादा किया। सरकार चाहती है कि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास पर भी ध्यान दें ताकि उन्हें भविष्य में रोजगार खोजने में कोई कठिनाई न हो। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में करियर काउंसलिंग के साथ प्लेसमेंट सेल की स्थापना की जाएगी, जिससे छात्रों को अपने करियर का चुनाव करने में सही मार्गदर्शन मिल सके।

शिक्षा मंत्री ने याद दिलाई बिहार की महान परंपरा

कार्यक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार के शैक्षणिक इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा से ज्ञान की धरती रहा है। उन्होंने भगवान श्रीराम का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ हो, लेकिन उन्होंने अपनी शिक्षा के लिए बिहार की धरती को ही चुना। उन्होंने नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक केंद्रों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे के साथ ही मानवीय संसाधनों पर भी विशेष निवेश कर रही है।

न्याय के साथ विकास का विजन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अंत में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए 'न्याय के साथ विकास' के विजन को वर्तमान सरकार पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक, आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास के जरिए बिहार को एक बार फिर से देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों की सूची में शामिल करना सरकार की प्राथमिकता है। यह पहल न केवल छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगी बल्कि पूरे राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला भी रखेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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