बेगूसराय में पंचायत का शर्मनाक फरमान: रेप पीड़िता को ही बना दिया दोषी, थूक चाटने पर किया मजबूर बिहार एक घंटा पहले 3
बिहार के बेगूसराय में एक पंचायत का अमानवीय चेहरा सामने आया है, जहां रेप पीड़िता को ही दोषी ठहराकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और थूक चाटने जैसा घिनौना कृत्य करवाया गया।

सामने आई बेगूसराय की हैरान कर देने वाली घटना

बिहार के बेगूसराय जिले से एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक स्थानीय पंचायत ने न्याय की सभी मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए कथित बलात्कार की पीड़िता को ही दोषी करार दे दिया। इस घटना ने न केवल पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, बल्कि पंचायत प्रणाली की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना जून 2026 की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला

पीड़ित महिला का आरोप है कि बीते जून महीने की एक रात उनके गांव के ही एक पड़ोसी ने घर में घुसकर उनके साथ बलात्कार किया। इस घटना के बाद जब गांव के लोगों ने आरोपी को महिला के घर से निकलते हुए देखा, तो बजाय इसके कि वे कानून का सहारा लेते या पुलिस को सूचना देते, उन्होंने अपने स्तर पर मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई। इस पंचायत ने महिला पर ही अवैध संबंध बनाने का बेतुका आरोप मढ़ दिया।

वीडियो में कैद अमानवीयता

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़िता को सजा के तौर पर कान पकड़कर घुटनों के बल बैठने को मजबूर किया गया। हद तो तब हो गई जब पंचायत के सदस्यों ने पीड़िता को जमीन पर थूककर उसे चाटने का तुगलकी फरमान सुना दिया। हालांकि, वीडियो में आरोपी को भी इसी प्रकार का दंड दिया जाना दिखाया गया है, लेकिन महिला के साथ हुई यह बर्बरता कानून के शासन का खुला अपमान है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद पीड़िता ने बलिया थाने में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की टीमें इस समय वीडियो की प्रामाणिकता की गहन जांच कर रही हैं। खबरों के अनुसार, पंचायत में शामिल रहे कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है, लेकिन मामले का मुख्य आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर है और फरार बताया जा रहा है।

समाज में गहरा आक्रोश

इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता इस कृत्य को महिलाओं के खिलाफ घोर हिंसा, पंचायत के नाम पर की गई गुंडागर्दी और न्याय व्यवस्था की विफलता का एक जीता-जागता उदाहरण मान रहे हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि ऐसी घटनाएं न केवल पीड़िता को मानसिक रूप से और अधिक आघात पहुंचाती हैं, बल्कि कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी कम करती हैं। समाज में इस बात की पुरजोर मांग उठ रही है कि ऐसे पंचायत सदस्यों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न करे। पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा मिलनी चाहिए, न कि समाज के बीच इस तरह का अपमानजनक व्यवहार।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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