नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- न ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मी बचेंगे और न ही प्रदर्शन की आड़ लेने वाले अपराधी भारत 2 घंटे पहले 2
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को राहत नहीं दी जाएगी।

नीट विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर देश की सर्वोच्च अदालत का रुख स्पष्ट

देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के पेपर लीक मामले के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए गए थे। इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।

इस सुनवाई के दौरान अदालत ने बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि न्याय की नजर में कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कानून व्यवस्था को संभालने वाली पुलिस हो या फिर प्रदर्शन की आड़ में छिपे हुए असामाजिक तत्व।

न दोषी पुलिस अधिकारियों को रियायत, न ही उपद्रवियों को राहत

मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा की गई किसी भी प्रकार की ज्यादती को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी को भी इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि अपनी सीमाएं लांघने वाले पुलिस अधिकारियों को बख्शा जाएगा।

इसके साथ ही, माननीय अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों की आड़ में शामिल हुए उन तत्वों को किसी भी तरह की कोई राहत नहीं दी जा सकती जो गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे। प्रदर्शनकारियों के बीच घुस आए अपराधियों पर कानून अपना काम सख्ती से करेगा।

केंद्र सरकार का पक्ष: निर्दोष छात्रों पर नहीं होगी कोई भी कार्रवाई

अदालत की इस टिप्पणी के बीच सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को इस पूरे मामले पर सरकार की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:

  • सरकार किसी भी निर्दोष छात्र के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने के पक्ष में नहीं है।
  • इस संबंध में जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि छात्रों के हितों को किसी भी प्रकार की ठेस न पहुंचे।
  • सरकार ने याचिकाकर्ताओं से भी इस सिलसिले में आवश्यक बातचीत की है।
  • सॉलिसिटर जनरल ने यह भी पूरी स्पष्टता से कहा कि जो आपराधिक तत्व छात्रों के बीच घुस आए थे और जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप