छत्तीसगढ़
2 घंटे पहले
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कम समय में अधिक मुनाफे का शानदार जरिया
पारंपरिक कृषि पद्धतियों से हटकर अब देश के किसान आधुनिक और कम समय वाली नकदी फसलों की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। बस्तर क्षेत्र के किसानों के लिए सब्जी की खेती मुनाफे का एक बड़ा जरिया बनकर उभरी है। बस्तर के ही रहने वाले एक किसान सुखदास मौर्य पिछले चार साल से लगातार फूलगोभी की खेती कर रहे हैं और इससे बड़ी ही आसानी से शानदार मुनाफा कमा रहे हैं। सुखदास मौर्य का कहना है कि फूलगोभी एक ऐसी फसल है जिसकी बाजार में मांग कभी कम नहीं होती और सही तरीके से काम किया जाए तो यह किसानों को बहुत कम समय में अमीर बना सकती है।
सिर्फ 50 दिनों में तैयार होती है गोभी की फसल
किसान सुखदास मौर्य ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि फूलगोभी की फसल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे तैयार होने में ज्यादा समय नहीं लगता। खेत में लगाने के बाद करीब 50 दिन के भीतर इसकी फसल पूरी तरह से कटाई के लिए तैयार हो जाती है। कम समय में तैयार होने के कारण किसानों को अपनी पूंजी फंसाकर लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता। इसके साथ ही, स्थानीय बाजारों में भी इसकी भारी मांग बनी रहती है। फिलहाल, बाजार में फूलगोभी का भाव काफी अच्छा मिल रहा है। इस समय बाजार में यह सब्जी 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर पर बिक रही है, जिससे किसानों को सीधा और बड़ा फायदा मिल रहा है।
लागत और मुनाफे का पूरा गणित
फूलगोभी की खेती की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें शुरुआती निवेश बहुत कम करना पड़ता है, जबकि इसकी तुलना में मिलने वाला रिटर्न काफी ज्यादा होता है। किसान सुखदास मौर्य ने इस खेती से जुड़े खर्च और आमदनी का पूरा ब्योरा इस प्रकार दिया है:
- आधे एकड़ की भूमि पर फूलगोभी की फसल लगाने में केवल 30 हजार रुपये के आसपास की लागत यानी कुल खर्च आता है।
- इस आधे एकड़ की फसल से किसान को करीब 1 से 1.5 लाख रुपये तक की कुल कमाई बड़े आराम से हो जाती है।
- वहीं अगर बात करें, तो सामान्य परिस्थितियों में एक एकड़ में फूलगोभी की खेती करने से लगभग डेढ़ लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है।
हालांकि, सुखदास मौर्य ने किसानों को एक महत्वपूर्ण बात के प्रति सचेत भी किया है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में बाजार के उतार-चढ़ाव की भूमिका बहुत अहम होती है। बाजार में गोभी के रेट ऊपर-नीचे होने के कारण कमाई के आंकड़ों में थोड़ा बहुत बदलाव या असर देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, यह फसल किसानों के लिए एक सुरक्षित और बेहद लाभदायक सौदा साबित हो रही है।
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