थार के बेज़ुबानों का सहारा बने 'ग्रीनमैन' नरपतसिंह, एक-एक रुपये से खड़ा कर रहे जलकुंड राजस्थान एक घंटा पहले 2
बाड़मेर के नरपतसिंह राजपुरोहित जनसहयोग से जुटाए गए छोटे-छोटे चंदे से रेगिस्तान में जलकुंड बनवा रहे हैं, जहां प्यासे पशु-पक्षियों को पानी मिल रहा है। यह उनका 15वां जलकुंड है।

राजस्थान के बाड़मेर में तपते रेगिस्तान के बीच प्यास से बेहाल जीव-जंतुओं के लिए नरपतसिंह राजपुरोहित किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं। 'ग्रीनमैन' के नाम से पहचाने जाने वाले नरपतसिंह लोगों से मिले छोटे-छोटे सहयोग को जोड़कर थार के वन्यजीवों के लिए पानी का इंतज़ाम कर रहे हैं।

'एक रुपया भी प्रकृति के नाम' मुहिम

नरपतसिंह राजपुरोहित "एक रुपया भी प्रकृति के नाम" नाम की मुहिम चला रहे हैं। इस अभियान के तहत वे आम लोगों से 1 से लेकर 51 रुपये तक का जनसहयोग जुटाते हैं और इसी राशि से रेगिस्तान में जलकुंड बनवाते हैं। इस तरह छोटी-छोटी मदद मिलकर एक बड़े काम का रूप ले लेती है।

गडरारोड में बन रहा 15वां जलकुंड

फिलहाल वे गडरारोड स्थित बाडमेरो की ढाणी में अपना 15वां जलकुंड तैयार करवा रहे हैं। इस कुंड को बनाने में 1 से 2 लाख रुपये की लागत आ रही है। इसमें 1.5 लाख लीटर पानी एकत्र किया जा सकेगा, जिससे रोज़ाना 10 हज़ार से अधिक गोवंश, हिरण और पक्षियों की प्यास बुझ सकेगी।

छह साल से जारी है मुहिम

यह अभियान पिछले 6 साल से लगातार चल रहा है। इस नेक काम में गुजरात के उद्योगपति सुरेश डागर और अनिल राजपुरोहित भी अपना सहयोग दे रहे हैं। इन्हीं प्रयासों की बदौलत भीषण गर्मी के दौरान थार के वन्यजीवों को नया जीवन मिल रहा है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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